कुसमुंडा-गेवरा मुख्य मार्ग पर मौत का खौफनाक मंजर
कौन थे हादसे के शिकार?
सीमा पटेल (पिता विक्रम पटेल): दीपका बस्ती की रहने वाली सीमा कोरबा के एक निजी बैंक में कार्यरत थीं और रोज की तरह दीपका से अपनी ड्यूटी पर जा रही थीं।
संजय कुमार (पिता भागवत सिंह): दादरकला भैसमा के रहने वाले संजय दीपका की एक निजी कंपनी में बतौर वाहन चालक काम करते थे और वे भी अपनी ड्यूटी पर निकल रहे थे।
कुसमुंडा पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रेलर को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार ड्राइवर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मोरगा बस स्टैंड के पास ट्रक ने ली दो युवकों की जान
अभी कुसमुंडा हादसे का गम कम भी नहीं हुआ था कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे मोरगा चौकी क्षेत्र से एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ गई। ग्राम बोटपाल के रहने वाले बुधवार सिंह बिंझवार (उम्र 26 वर्ष) और मोहन धनवार (उम्र 20 वर्ष) अपने किसी निजी काम के सिलसिले में बाइक (क्रमांक सीजी 12 एएम 6285) से मोरगा बस स्टैंड आए थे। अपना काम निपटाकर जब दोनों युवक अपने घर लौट रहे थे, तभी नासिक (महाराष्ट्र) की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार ट्रक (नंबर एमएच 18 बीएच 3377) ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
इस हादसे में बुधवार सिंह बिंझवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
वहीं, गंभीर रूप से घायल मोहन धनुहार ने अस्पताल ले जाए जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मोरगा चौकी पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुँचकर दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन को जब्त कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तेजी से की जा रही है।
सवालों के घेरे में कोयलांचल की ट्रैफिक व्यवस्था
कोरबा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में भारी मालवाहकों की आवाजाही आम बात है, लेकिन जिस तरह से बेकाबू रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं, वह आम नागरिकों के लिए रोजाना एक खुला खौफ बन चुका है। महज एक दिन के भीतर पाँच हँसते-खेलते परिवारों का उजड़ जाना यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर सड़कों पर कब तक बेकसूर अपनी जान गंवाते रहेंगे? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है या फिर इस रफ्तार के दानवों पर लगाम कसने के लिए कोई ठोस रणनीति कभी बनाई जाएगी?







