BJP vs Congress: कांग्रेस के वोट चोरी अभियान को लेकर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि अपनी राजनीतिक कमजोरियों पर विचार करने के बजाय कांग्रेस कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। इससे साफ है कि पार्टी ने 17 नगरीय निकायों के चुनाव में अपनी हार पहले ही स्वीकार कर ली है और अब हार के लिए नए-नए बहाने तलाश रही है।
गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान अरुण साव ने कांग्रेस के कई बयानों पर प्रतिक्रिया दी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोशल मीडिया पोस्ट, जिसमें उन्होंने लिखा था कि 'राहुल गांधी के सामने सबकी लाइन-लेंथ बिगड़ रही है', पर भी उप मुख्यमंत्री ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि किसकी लाइन-लेंथ बिगड़ रही है, यह पूरा देश देख रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो नेता अपनी अगुवाई में 100 चुनाव हार चुका है।
SIR को लेकर कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर भाजपा की ओर से जारी कार्टून पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण साव ने कांग्रेस पर घुसपैठियों के पक्ष में खड़े होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में 12 बार SIR की प्रक्रिया हो चुकी है और इनमें से 10 बार कांग्रेस की सरकार रही है। उस समय इस प्रक्रिया को लेकर कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ। साव के मुताबिक, कांग्रेस अब SIR को लेकर लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता कांग्रेस को वोट नहीं दे रही है और पार्टी के पास पर्याप्त जनसमर्थन नहीं है, तो वोट चोरी का आरोप लगाने का क्या आधार है?
विपक्ष पर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप
भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान पर भी उप मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं, जिनका आम जनता की वास्तविक समस्याओं से कोई सीधा संबंध नहीं है। उनके अनुसार, भाजपा जनता के बीच जाकर विपक्ष के बयानों और गतिविधियों की वास्तविकता सामने रखने का काम कर रही है। अरुण साव ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसे लोगों के समर्थन में खड़ी है, जो मतदाता बनने की पात्रता नहीं रखते। उन्होंने विदेशी साजिश के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिशों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष को ऐसे मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उप मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश में SIR, वोट चोरी और भाजपा-कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर सियासी बहस तेज होने के संकेत हैं।






