Chhattisgarh Rajyotsav: कांग्रेस नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को छत्तीसगढ़ की खुशियों से कोई सरोकार नहीं है। उन्हें केवल सत्ता और कुर्सी की चिंता रहती है। पांडेय ने कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रेम की तुलना कालनेमि राक्षस से करते हुए पार्टी पर दिखावे की राजनीति करने का आरोप लगाया। राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन का सपना लंबे समय से देखा जा रहा था। अलग राज्य की मांग के पीछे लोगों की भावनाएं जुड़ी थीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का गठन शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। पांडेय के मुताबिक आज छत्तीसगढ़ में शांति और अमन-चैन का माहौल है।
मॉक पार्लियामेंट को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
दिल्ली में कांग्रेस की ओर से आयोजित मॉक पार्लियामेंट को लेकर भी संतोष पांडेय ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए इस तरह की गतिविधियां कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने बस्तर में नक्सलियों की कथित जनताना सरकार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां बंदूक की नोक पर व्यवस्था चलाई जाती थी। पांडेय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 'दिमागी नक्सली' शब्द का इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन के भीतर विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय कई बार चर्चा से बचता है।
निकाय और अहिवारा उपचुनाव के लिए भाजपा तैयार
नगरीय निकाय चुनाव और अहिवारा उपचुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि भाजपा चुनावी मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का उल्लेख करते हुए कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए चुनावी प्रक्रिया जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाजपा उपचुनाव हो या नगरीय निकाय चुनाव, हर मुकाबले को गंभीरता से लेती है। चुनाव की तैयारियों के तहत लगातार बैठकें की जाएंगी। शक्ति केंद्रों पर भी संगठनात्मक चर्चा होगी। पांडेय ने कहा कि भाजपा में संगठन की बैठकें और चुनावी तैयारियां लगातार चलती रहती हैं। राज्योत्सव में कांग्रेस नेताओं की अनुपस्थिति से शुरू हुई यह राजनीतिक बयानबाजी अब मॉक पार्लियामेंट और आगामी चुनावों तक पहुंच गई है।






