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Rahul Gandhi: कनॉट प्लेस में बंद दुकानों को देख भड़के राहुल गांधी, BJP पर लगाया व्यापारियों को नुकसान पहुंचाने का आरोप
Rahul Gandhi: कनॉट प्लेस में दुकानें बंद मिलने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि डर के माहौल के कारण व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ है। वहीं, व्यापारिक संगठन CTI ने रैली के चलते दिल्ली के बाजारों और ट्रांसपोर्ट पर असर पड़ने की आशंका जताते हुए 10 से 12 हजार करोड़ रुपये तक के व्यापार प्रभावित होने का दावा किया था।
Rahul Gandhi: दिल्ली के कनॉट प्लेस पहुंचे कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष
राहुल गांधी ने दुकानें बंद होने पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी का आरोप है कि बीजेपी ने डर के माहौल में स्थानीय व्यापारियों का काम-धंधा जबरन ठप करवा दिया, जिससे दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
खरीदारी भी करो और प्रदर्शन भी
इंडिया गठबंधन के मार्च से ठीक एक दिन पहले राहुल गांधी ने देशभर से आ रहे कार्यकर्ताओं से खास अपील की थी। उन्होंने कहा था कि दिवाली, छठ और भाईदूज जैसे बड़े त्योहारों का समय है। दिल्ली में रैली और मार्च में हिस्सा लेने के साथ-साथ कार्यकर्ता स्थानीय बाजारों से खरीदारी भी करें ताकि यहां के दुकानदारों की जेब में कुछ पैसा जाए। राहुल गांधी ने बीजेपी के उस दावे को भी खारिज किया था, जिसमें कहा गया था कि रैलियों से कारोबार प्रभावित होता है। उन्होंने कहा था, "व्यापारियों को किसी रैली से नुकसान नहीं होता। बीजेपी सिर्फ डर और अफवाह फैला रही है।" लेकिन जब राहुल गांधी खुद कनॉट प्लेस पहुंचे, तो वहां ज्यादातर शटर गिरे मिले। इस पर उन्होंने सवाल दागा कि आखिर व्यापारियों की रोजी-रोटी पर लात कौन मार रहा है और इस नुकसान की जवाबदेही किसकी है?
व्यापारिक संगठन CTI की क्या थी चिंता?
दूसरी ओर, दिल्ली के व्यापारियों की संस्था 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (सीटीआई) ने रैली से पहले ही राहुल गांधी को पत्र लिखकर चिंता जताई थी। सीटीआई के अध्यक्ष बृजेश गोयल का कहना था कि रामलीला मैदान में होने वाले आयोजन के कारण मध्य दिल्ली और आसपास के
80 फीसदी बाजार बंद रहने की आशंका है। सीटीआई ने दावा किया था कि इस हलचल का असर कश्मीरी गेट, मोरी गेट, जनपथ, चांदनी चौक और कनॉट प्लेस जैसे बड़े व्यावसायिक केंद्रों की करीब 3 लाख दुकानों पर पड़ेगा।
10 से 12 हजार करोड़ के नुकसान का दावा
व्यापारिक संगठन के मुताबिक, सिर्फ दुकानें ही नहीं, बल्कि पूरी सप्लाई चेन ठप हो गई:
ट्रांसपोर्ट बंद: रामलीला मैदान के 10 किलोमीटर के दायरे में लोडिंग-अनलोडिंग पूरी तरह रुक गई।
माल अटका: औद्योगिक इलाकों से आने वाले लगभग 5,000 ट्रकों और टेम्पो की आवाजाही थम गई, जिससे धनतेरस के लिए आया सामान गोदामों में ही फंसा रह गया।
बड़ा आर्थिक झटका: सीटीआई ने चेतावनी दी थी कि 1 नवंबर को बाजार और ट्रांसपोर्ट बंद रहने से 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हो सकता है, जिससे लाखों लोगों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।
राजनीतिक घमासान और व्यापारिक नुकसान की इस खींचतान के बीच सबसे ज्यादा मार दिल्ली के उन छोटे-बड़े दुकानदारों पर पड़ी है, जो त्योहारों के सीजन में बेहतर बिक्री की उम्मीद लगाए बैठे थे।