Elderly Man Cheated: इंसान की मजबूरी और उसकी उम्मीद का फायदा उठाकर ठगी करने वाले कितने गिर सकते हैं, इसकी एक बानगी शुजालपुर में देखने को मिली है। यहाँ एक बुजुर्ग पिता को उनके दिव्यांग बेटे के इलाज और पूजा-पाठ का झांसा देकर 10 लाख 75 हजार रुपये ठगने वाले शातिर गिरोह को मंडी पुलिस ने धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी गई पूरी रकम के साथ-साथ वारदात में इस्तेमाल की गई टीयूवी कार भी जब्त कर ली है।
कैसे बुना गया ठगी का जाल
यह पूरा मामला 19 सितंबर 2026 का है, जब देहंडी गांव के रहने 75 वर्षीय बुजुर्ग विजय बामनिया (पिता माधव सिंह) ने थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। बुजुर्ग ने पुलिस को बताया कि 11 सितंबर को उनके घर एक महिला साड़ी बेचने के बहाने पहुँची थी। बातचीत के दौरान उस महिला की नजर घर में मौजूद उनके दिव्यांग बेटे पर पड़ी। इसके बाद महिला ने बेहद चालाकी से बुजुर्ग को अपने जाल में फँसाया। उसने दावा किया कि वह विशेष पूजा-पाठ के जरिए उनके बेटे को पूरी तरह ठीक कर सकती है। इस अंधविश्वास और झांसे में आकर उसने शुरुआत में चार लाख रुपये मांग लिए।
धीरे-धीरे बढ़ता गया ठगी का दायरा
महिला और उसके पति ने बुजुर्ग को पूरी तरह अपने भरोसे में ले लिया और धीरे-धीरे करके रकम ऐंठते चले गए। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों ने भी अलग-अलग बहानों से बुजुर्ग को डराया-धमकाया और विश्वास में लेकर कुल 10 लाख 75 हजार रुपये ऐंठ लिए। जब बुजुर्ग को समझ आया कि उनके साथ धोखा हुआ है, तो उन्होंने तुरंत पुलिस की शरण ली। बुजुर्ग की शिकायत पर मंडी थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने गहराई से छानबीन शुरू की।
पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) महेंद्र तारणेकर के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। एसडीओपी निमेष देशमुख के मार्गदर्शन और साइबर सेल की तकनीकी मदद तथा मुखबिर की पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों—सुदामा, कैया गौड़ और उनकी एक महिला साथी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
मंडी थाना प्रभारी शिवकुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से 2.45 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, वारदात में इस्तेमाल की गई एमपी 15 सीबी 7180 नंबर की टीयूवी कार (कीमत लगभग 8 लाख रुपये) को भी जब्त कर लिया गया है। इस प्रकार, ठगी गई पूरी 10.75 लाख रुपये की राशि और संपत्ति पुलिस ने रिकवर कर ली है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने इस तरह की वारदातों को और कहाँ-कहाँ अंजाम दिया है।







