Narayanpur Cyber Crime: अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा, तीन गिरोह पुलिस की गिरफ्त में
Narayanpur Cyber Crime: नारायणपुर पुलिस ने दो महीने के विशेष अभियान के बाद यूपी, एमपी और हरियाणा में सक्रिय तीन साइबर ठगी गिरोहों का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ठग कॉल फॉरवर्डिंग, फर्जी पेमेंट मैसेज और धमकी देकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे थे।
Narayanpur Cyber Crime: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहाँ की जिला पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक ऐसा चक्रव्यूह रचा, जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा तक फैले
अंतरराज्यीय ठगों के तार उलझकर रह गए। पिछले दो महीनों से चल रहे इस गुप्त और तकनीकी ऑपरेशन में पुलिस ने तीन अलग-अलग गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए कुल छह शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जबकि सात अन्य संदिग्धों पर भी कानूनी शिकंजा कसा गया है।
कैसे बुना गया था ठगी का यह जाल?
आजकल साइबर ठग नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। नारायणपुर पुलिस के खुलासे ने यह साबित कर दिया है कि ये शातिर कितने शातिर तरीके से लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे थे। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान मुख्य तौर पर तीन अलग-अलग तरीकों का पर्दाफाश किया है:
कॉल फॉरवर्डिंग का खेल: छोटे डोंगर थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया जहाँ जालसाजों ने बड़ी सफाई से पीड़ित के मोबाइल फोन में कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव करवा ली। इसके बाद उनके बैंक खाते से दस हजार रुपये साफ कर दिए गए। जब पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाले, तो सुराग उत्तर प्रदेश के बलिया जिले तक जा पहुँचा। वहाँ से रितेश गुप्ता नामक आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया।
'गलती से पैसे ट्रांसफर' का झांसा: ठगों का दूसरा पैंतरा और भी शातिर था। वे लोगों को यह झांसा देते थे कि उनके बैंक खाते में गलती से पैसे चले गए हैं और इसके समर्थन में फर्जी पेमेंट मैसेज दिखाकर चपत लगा देते थे। इस सिंडिकेट के जरिए करीब 71 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया था। इस मामले में हरियाणा और मध्य प्रदेश से चार आरोपियों को धर दबोचा गया है।
भय और धमकियों का कारोबार: ये अपराधी केवल ऑनलाइन फ्रॉड तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि लोगों को डरा-धमकाकर अवैध वसूली भी कर रहे थे। झाराघाटी थाना क्षेत्र में एक सीधे-साधे ग्रामीण को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर और भयभीत करके एक लाख रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली गई थी। इस मामले में मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से राजा भैया लोधी नामक आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा है।
पुलिस की मुस्तैदी से मिला सुकून
लगातार बढ़ रही डिजिटल ठगी की वारदातों को देखते हुए नारायणपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष अभियान की रूपरेखा तैयार की गई थी। लगातार दो महीनों तक तकनीकी साक्ष्यों, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहराई से छानबीन करने के बाद पुलिस टीमों ने यूपी, एमपी और हरियाणा में एक साथ दबिश दी। इस बड़ी कार्रवाई से न सिर्फ साइबर ठगों के हौसले पस्त हुए हैं, बल्कि आम जनता को भी एक बड़ा संदेश मिला है कि थोड़ी सी सतर्कता और पुलिस की मुस्तैदी मिलकर ऐसे जालसाजों को सलाखों के पीछे पहुँचा सकती है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े बाकी सात संदिग्धों की तलाश में जुटी है, जिन्हें पहले ही कानूनी नोटिस जारी किए जा चुके हैं।