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District Panchayat takes action over negligence (Image Source: social media)
District Panchayat takes action over negligence (Image Source: social media)
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Bastar Zila Panchayat: VB-G RAM G योजना में लापरवाही पर कार्रवाई, 2 तकनीकी सहायकों ने दिया इस्तीफा

Bastar Zila Panchayat: VB-G RAM G योजना के कार्यों में धीमी प्रगति पर जिला पंचायत CEO तन्मय खन्ना ने कार्रवाई की है। दो तकनीकी सहायकों ने इस्तीफा दिया, एक की सेवा समाप्त और एक की सेवा वृद्धि पर रोक लगाई गई।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 30 Oct 2026, 09:20 AM · 3 मिनट पढ़ने का समय
बस्तर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Bastar Zila Panchayat: जिले में लापरवाही पर प्रशासनिक डंडा चला है। वीबी-जी रामजी योजना के कामों में सुस्ती बरतने और मनमानी करने वाले तकनीकी सहायकों पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) तन्मय खन्ना ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। हालात यह बन गए कि गाज गिरते ही दो तकनीकी सहायकों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए, जबकि एक अन्य को सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

क्या है पूरा मामला? 

बस्तर संभाग में विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारने के दावे तो बड़े-बड़े किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अक्सर कागजी दावों से कोसों दूर मिलती है। वीबी-जी रामजी योजना के तहत जिले में 1,807 स्वीकृत कार्यों के लिए 55 करोड़ 61 लाख रुपए से अधिक की भारी-भरकम राशि का प्रावधान किया गया है। उद्देश्य साफ था कि इस बजट से क्षेत्र में विकास के पहिए तेजी से घूमेंगे और ग्रामीण इलाकों को मजबूती मिलेगी। हालांकि, जब CEO तन्मय खन्ना ने योजना के कामों की नियमित समीक्षा और मैदानी निरीक्षण शुरू किया, तो पोल खुल गई। काम की रफ्तार उम्मीद से बेहद सुस्त और लचर पाई गई।

गाज गिरी तो छोड़ी नौकरी 

समीक्षा बैठकों और फील्ड विजिट के दौरान यह बात सामने आई कि कई तकनीकी सहायक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में बुरी तरह नाकाम रहे हैं। काम के प्रति उनकी यह उदासीनता प्रशासन को नागवार गुजरी, जिसके बाद सीधे तौर पर जवाबदेही तय की गई:
  • 2 इस्तीफे: कार्रवाई की सुगबुगाहट और बढ़ते दबाव के बीच दो तकनीकी सहायकों ने खुद ही अपने पद से इस्तीफा देना बेहतर समझा।
  • सेवा समाप्त: एक तकनीकी सहायक की लापरवाही इतनी भारी पड़ी कि उसकी सेवाएं पूरी तरह से समाप्त कर दी गईं।

  • सेवा वृद्धि पर रोक: एक अन्य तकनीकी सहायक की परफॉर्मेंस को देखते हुए उसकी सर्विस एक्सटेंशन यानी सेवा वृद्धि पर रोक लगा दी गई है।

  • मजदूरों को रोजगार देने और गुणवत्ता पर जोर 

    जिला पंचायत CEO ने इस पूरी कार्रवाई के जरिए मैदानी अमले को एक कड़ा संदेश दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जितने भी काम स्वीकृत हुए हैं, उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत शुरू कराया जाए। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों (मजदूरों) को काम से जोड़कर 'मानव दिवस' (Person-days) के सृजन में तेजी लाने को कहा गया है। प्रशासन का मुख्य जोर इस बात पर है कि काम तय समय-सीमा के भीतर पूरे हों और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न किया जाए।

    आगे भी जारी रहेगा एक्शन 

    प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वीबी-जी रामजी योजना के हर एक काम की मानिटरिंग अब पैनी नजर से होगी। यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर लक्ष्य पूरा करने में हीला-हवाली बरती गई, लापरवाही दिखी या अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिला, तो गाज गिरना तय है। सीईओ की इस सख्त कार्यशैली से महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और सुस्त पड़े अमले में अब हरकत देखने को मिल रही है।
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