Bilaspur Cyber Fraud: शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले साइबर ठगों ने अब एक छात्र को अपना निशाना बनाया है। तोरवा थाना क्षेत्र के देवरीखुर्द इलाके में रहने वाले और सीए फाइनल की तैयारी कर रहे एक युवक से जालसाजों ने 8 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगों ने खुद को सेबी (SEBI) रजिस्टर्ड कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को 'प्लेटिनम प्लान' का झांसा दिया था। रकम ट्रांसफर होने के बाद न तो ट्रेडिंग सर्विस मिली और न ही पैसे वापस किए गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
तोरवा के देवरीखुर्द निवासी 26 वर्षीय वुंगराला राव ट्रेडिंग का काम भी करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 21 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड फर्म से जुड़ा बताते हुए कंपनी के जरिए बेहतरीन ट्रेडिंग सर्विस मुहैया कराने का दावा किया। बातचीत के दौरान कॉलर ने उनकी कंपनी में सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम प्लान होने की जानकारी दी। उसने सबसे बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाते हुए प्लेटिनम प्लान के तहत 8 लाख रुपये निवेश करने का दबाव बनाया। ठगों की चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर राव ने 22 सितंबर को दिए गए नंबर पर ऑनलाइन 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद हौसला बढ़ने पर ठगों ने अलग-अलग बहानों से 22 सितंबर से 20 अक्टूबर के बीच कुल 14 किस्तों में उनसे 8 लाख रुपये ऑनलाइन जमा करवा लिए।
जब पैसे मांगे तो मुकर गए ठग
तोरवा थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, तयशुदा रकम ट्रांसफर करने के बावजूद पीड़ित को वादे के मुताबिक कोई ट्रेडिंग सर्विस नहीं दी गई। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई सेवा शुरू नहीं हुई, तो राव ने उन मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया और अपने पैसे वापस मांगे। फोन उठाने वालों ने सीधे तौर पर पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित को समझ आया कि वह बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का शिकार हो चुका है। बिना देर किए उन्होंने तोरवा थाने पहुंचकर पूरी घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
ठगी की पूरी कहानी एक नजर में:
अज्ञात कॉल: 21 सितंबर को पीड़ित के मोबाइल पर खुद को सेबी रजिस्टर्ड बताने वाली कंपनी का फोन आया।
प्लेटिनम प्लान का झांसा: अलग-अलग प्लान्स (सिल्वर, गोल्ड, प्लेटिनम) का लालच देकर 8 लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया गया।
किस्तों में वसूली: 22 सितंबर से 20 अक्टूबर के बीच अलग-अलग 14 ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 8 लाख रुपये ऐंठे गए।
धोखाधड़ी उजागर: सर्विस न मिलने पर जब पैसे मांगे गए और ठगों ने हाथ खड़े कर दिए, तब तोरवा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।







