Viral Reel Case: कानून के हाथों से कोई नहीं बच सकता, फिर चाहे सोशल मीडिया पर भौकाल चमकाने की कितनी भी कोशिश क्यों न कर ली जाए। बिलासपुर में जेल से छूटकर आए अपने साथी का ग्रैंड वेलकम करना और उसका वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डालना दो युवकों को भारी पड़ गया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से इस्तेमाल की गई थार गाड़ी भी जब्त कर ली है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के जूना बिलासपुर का है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सक्षम ध्रुव नाम का युवक हाल ही में दुर्गा विसर्जन के दौरान हाथ में धारदार हथियार लेकर घूम रहा था। इसी दौरान पैसों के लेनदेन को लेकर उसका किसी से विवाद हुआ और उसने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सक्षम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जेल के बाहर बनाई रील, थार से पहुंचे थे स्वागत करने
सक्षम को जब अदालत से जमानत मिली और वह जेल से बाहर आया, तो उसके दोस्त साहिल केंवट और अन्य साथी महिंद्रा थार से उसका स्वागत करने सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गए। युवकों ने न सिर्फ जेल परिसर जैसी संवेदनशील जगह पर हुड़दंग मचाया, बल्कि सक्षम की रिहाई का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। जेल परिसर के ठीक बाहर इस तरह वीडियो बनाकर कानून को ठेंगा दिखाने की कोशिश को बिलासपुर पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया।
पुलिस की सख्ती के बाद मांगी माफी
मामला संज्ञान में आते ही एएसपी पंकज पटेल के निर्देशन में सिविल लाइन पुलिस ने जाल बिछाकर सक्षम ध्रुव और साहिल केंवट को धर दबोचा। पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर थार वाहन को जब्त कर लिया है। थाने पहुंचते ही सोशल मीडिया का यह 'टशन' काफूर हो गया। पुलिस की कड़ाई के सामने दोनों युवकों ने अपनी गलती मानते हुए हाथ जोड़कर माफी मांगी और भविष्य में कभी ऐसी हरकत न करने की कसम खाई।
पुलिस की चेतावनी:
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पंकज पटेल ने स्पष्ट लहजे में कहा है कि शहर में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ और सोशल मीडिया पर इस तरह से अपराधियों का महिमामंडन (ग्लोरीफिकेशन) किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग मचाने और माहौल खराब करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।






