ग्राम श्यामनगर स्थित ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र में आयोजित तीन दिवसीय संस्कार समर कैंप का समापन अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। पूरे शिविर के दौरान बच्चों में सीखने की गहरी रुचि और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली। इस कैंप में लगभग 100 बच्चों ने भाग लेकर विभिन्न जीवनोपयोगी संस्कारों को सीखा और उन्हें अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। शिविर में बच्चों को राजयोग मेडिटेशन, नैतिक शिक्षा, अनुशासन तथा माता-पिता और बड़ों के सम्मान जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों की शिक्षा दी गई।
आयोजनकर्ता ब्रह्माकुमारी शीला दीदी ने बताया कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का होना अत्यंत आवश्यक है उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से मन शांत होता है और व्यक्ति में सकारात्मकता तथा एकाग्रता विकसित होती है, जो जीवन को सही दिशा देती है।
प्रशिक्षक ब्रह्माकुमारी पूजा बहन ने जानकारी दी कि शिविर के दौरान रंगोली, ड्राइंग, खेल-कूद तथा नैतिक शिक्षा से जुड़ी कई रचनात्मक गतिविधियाँ कराई गईं। बच्चों को मोबाइल के दुष्प्रभावों के बारे में एक प्रभावशाली नाटक के माध्यम से जागरूक किया गया। इस प्रस्तुति का बच्चों पर गहरा प्रभाव पड़ा और एक बच्ची ने मोबाइल का उपयोग कम करने का संकल्प भी लिया।
प्रशिक्षक ब्रह्माकुमारी लीला बहन ने बताया कि अभिभावकों से बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है। पहले जो बच्चे अधिक समय मोबाइल में व्यस्त रहते थे, वे अब आध्यात्मिक और रचनात्मक गतिविधियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इससे बच्चों के व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्य अतिथि उपसरपंच वामन निर्मलकर ने कहा कि आज के समय में स्कूलों में संस्कार शिक्षा की कमी देखने को मिलती है, ऐसे में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा किया जा रहा यह प्रयास समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को नियमित रूप से करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामवासियों की अपील
ग्राम के वरिष्ठ नागरिक प्रकाश साहू ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को ऐसे शिविरों में अवश्य भेजें, ताकि उनमें अच्छे संस्कार विकसित हो सकें और वे एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
समापन के अवसर पर सभी बच्चों को उपहार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस शिविर से उन्हें स्वयं को पहचानने, अच्छे संस्कार अपनाने और जीवन में नई सीख प्राप्त करने का अवसर मिला। पूरा कार्यक्रम बच्चों के लिए यादगार और प्रेरणादायक रहा।

