राजनीति के गलियारों में अक्सर वीआईपी कल्चर, सायरन बजाती गाड़ियां और सुरक्षा घेरों का बोलबाला रहता है। लेकिन छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस परिपाटी से इतर एक ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। अपने लोरमी दौरे के दौरान उन्होंने भारी-भरकम सुरक्षा अमले और सरकारी तामझाम को किनारे रख दिया और एक आम नागरिक की तरह स्कूटी पर सवार होकर शहर के औचक निरीक्षण पर निकल पड़े।
उपमुख्यमंत्री का यह अंदाज देख स्थानीय लोग उस वक्त हैरान रह गए जब उन्होंने अपने प्रदेश के बड़े नेता को बिना किसी शोर-शराबे के गलियों में स्कूटी चलाते देखा। साव ने न केवल निर्माण कार्यों का जायजा लिया, बल्कि रास्ते में रुक-रुक कर लोगों से संवाद भी किया। उन्होंने बुजुर्गों का कुशलक्षेम जाना और युवाओं के पास रुककर क्षेत्र के विकास को लेकर उनके सुझाव और उम्मीदें भी सुनीं।
जनता के बीच चर्चा का विषय
अरुण साव के इस जमीनी जुड़ाव की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जब कोई बड़ा जनप्रतिनिधि प्रोटोकॉल की दीवारें तोड़कर सीधे जनता के बीच पहुँचता है, तो शासन-प्रशासन के प्रति आम आदमी का भरोसा और अधिक मजबूत होता है।

अधिकारियों को कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान सादगी के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री का प्रशासनिक सख्त अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि क्षेत्र में चल रहे सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका यह दौरा केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसंवाद और सादगी का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है।
