केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना ग्रामीण और आम परिवारों के लिए आर्थिक राहत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनती जा रही है। बीजापुर जिले के मांझीगुड़ा निवासी सोनसाय बाकड़े इसका प्रेरणादायक उदाहरण हैं, जिनके जीवन में इस योजना ने नई रोशनी और बड़ी बचत दोनों लेकर आई है।
पहले हर महीने 4 से 5 हजार रुपए तक बिजली बिल आने से परिवार का बजट बिगड़ जाता था। बढ़ते खर्च के कारण कई बार बिजली बिल जमा करना भी चुनौती बन जाता था। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना की जानकारी मिली। योजना में मिलने वाली सरकारी सब्सिडी और सौर ऊर्जा के फायदे जानने के बाद उन्होंने अपने घर में सोलर पैनल लगाने का फैसला किया।
सरकार की सब्सिडी से लगा सोलर पैनल
योजना के तहत उन्हें केंद्र और राज्य सरकार से कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी मिली, जिससे उनके घर में सोलर पैनल लगाए गए। करीब तीन महीने पहले स्थापित इस सोलर सिस्टम से अब उनके घर में नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति हो रही है। सबसे बड़ी राहत बिजली बिल में आई कमी है। जहां पहले हर महीने हजारों रुपए खर्च होते थे, वहीं अब उनका बिजली बिल घटकर केवल 120 से 500 रुपए तक रह गया है। इससे परिवार को आर्थिक मजबूती मिली है और अब घरेलू बिजली उपयोग को लेकर चिंता भी नहीं रहती।
बाकड़े बताते हैं कि सौर ऊर्जा अपनाने के बाद बिजली कटौती और अनियमित सप्लाई जैसी समस्याओं से भी काफी हद तक राहत मिली है। अब परिवार पंखा, टीवी, मोटर सहित अन्य घरेलू उपकरणों का उपयोग आसानी से कर पा रहा है।
ग्रामीणों को योजना से जुड़ने की अपील
उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त योजना को ग्रामीण परिवारों के लिए बेहद लाभकारी बताते हुए लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ लेने की अपील की। उनका कहना है कि यह योजना सिर्फ बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी अहम कदम है।
सोनसाय बाकड़े ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार की यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और नई ऊर्जा का संचार कर रही है।

