जिला मुख्यालय के समीप रिसदा बाईपास पर मंगलवार तड़के सन्नाटे को चीरती चीखें और टूटते कांच की आवाजों ने इलाके में दहशत फैला दी। सुबह करीब 5 बजे, जब दुनिया जागने की तैयारी कर रही थी, तब ओडिशा से माल लेकर आ रहे ट्रक चालकों को बदमाशों के एक गिरोह ने अपना निशाना बनाया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने इस फिल्मी अंदाज वाली लूटपाट का अंत सलाखों के पीछे कर दिया।
खौफनाक मंजर: जब सड़क पर अड़ीं मोटरसाइकिलें
घटना की शुरुआत तब हुई जब राजेश कुमार रविदास नामक ड्राइवर अपना ट्रक लेकर रिसदा बाईपास पहुंचा। अचानक दो मोटरसाइकिलों ने फिल्मी स्टाइल में ट्रक के आगे रास्ता रोक दिया। राजेश कुछ समझ पाता, उससे पहले ही गालियों की बौछार शुरू हो गई। बदमाशों ने उसे केबिन से नीचे घसीटा और शराब के लिए पैसों की मांग करने लगे।
जब ड्राइवर ने विरोध किया, तो बदमाशों ने उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। दहशत फैलाने के लिए गिरोह ने पत्थरबाजी शुरू की, जिससे ट्रकों के शीशे चकनाचूर हो गए। सबूत मिटाने की नीयत से बदमाशों ने ट्रक का GPS सिस्टम तक उखाड़ फेंका। देखते ही देखते वहां मौजूद अन्य ट्रक ड्राइवर भी इस आतंक की चपेट में आ गए।
पुलिस की 'सर्जिकल स्ट्राइक'
बदमाशों को लगा था कि वे अंधेरे का फायदा उठाकर भाग जाएंगे, लेकिन कुछ ड्राइवरों ने साहस दिखाते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी कोतवाली की विशेष टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस की टीम ने शिकारी की तरह इलाके की घेराबंदी की। भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए और मौके से ही पांच आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
छत्रपाल यादव (19 वर्ष): निवासी ग्राम अमसेना (आरंग), वर्तमान पता पुनीत ढाबा।
नरेश कुर्रे (19 वर्ष): निवासी ग्राम छुईहा मालगुजारी।
भावेश वैष्णव (20 वर्ष): निवासी वार्ड 17, लोहिया नगर, बलौदाबाजार।
दो विधि से संघर्षरत बालक: इस गिरोह में दो नाबालिग भी शामिल थे।
बीएनएस की धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई
पूछताछ में खुलासा हुआ कि महज शराब के नशे और पैसों की सनक के लिए इन युवाओं ने हाईवे को रणभूमि बना दिया था। पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 369/2026 दर्ज किया है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
"सड़क पर कानून को हाथ में लेने वालों के लिए यह एक कड़ा संदेश है। अपराधियों का बेखौफ अंदाज उन्हें सलाखों के पीछे ही ले जाएगा।" — पुलिस प्रशासन
सड़क पर बिखरे कांच के टुकड़े और सहमे हुए ड्राइवर उस सुबह की भयावहता की गवाही दे रहे हैं, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने आम जनता और ट्रक चालकों के बीच सुरक्षा का भरोसा फिर से कायम किया है।
