छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। डीडी नगर पुलिस ने रायपुरा निवासी एक दंपत्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिन्होंने मंत्रालय में ऊँची पहुँच का झांसा देकर एक युवक और उसके रिश्तेदारों से लाखों रुपए ठग लिए।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, विकास विहार निवासी आकाश साहू (33 वर्ष) ने बीती आधी रात को डीडी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। आकाश ने अपनी शिकायत में बताया कि रायपुरा (श्रीराम ऑटो के पास) निवासी विश्वनाथ गुप्ता और चंदा गुप्ता ने खुद को रसूखदार बताते हुए यह दावा किया था कि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से उनके बेहद करीबी संबंध हैं।
ठग दंपत्ति ने आकाश की पत्नी और उसके कुछ रिश्तेदारों को जल संसाधन विभाग में 'कंप्यूटर ऑपरेटर' के पद पर सरकारी नौकरी दिलाने का वादा किया। इस "सेटिंग" के नाम पर उन्होंने अधिकारियों को रिश्वत देने के बहाने आकाश से कुल 23 लाख रुपए वसूल लिए।
दो साल तक चलता रहा वसूली का खेल
आकाश ने बताया कि उसने किस्तों में यह रकम 16 अगस्त 2024 से लेकर 7 मई 2026 के बीच दी। दो साल बीत जाने के बाद भी जब किसी की नौकरी नहीं लगी, तो आकाश को ठगी का अहसास हुआ। उसने जब अपने पैसे वापस मांगे, तो दंपत्ति टालमटोल करने लगे। काफी दबाव बनाने के बाद भी जब रकम वापस नहीं मिली, तब पीड़ित ने पुलिस की शरण ली।
आरोपी फरार, पुलिस ने दर्ज की FIR
डीडी नगर पुलिस ने विश्वनाथ और चंदा गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (धारा 318-4, 336-3, 338, 340-2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल दोनों आरोपी घर छोड़कर फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
हाल के दिनों में मंत्रालय में नौकरी के नाम पर ठगी के मामले बढ़े हैं। बीते मंगलवार को ही राखी पुलिस ने 34 लोगों से 1.50 करोड़ की ठगी करने वाले डोंगरगढ़ के दो जालसाजों को गिरफ्तार किया था। सरकारी नौकरियां केवल आधिकारिक चयन प्रक्रिया और परीक्षाओं के माध्यम से ही मिलती हैं, किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं।
