तीन दशक से भी ज्यादा समय बाद जब बीएससी 1994 बैच के सहपाठी एक मंच पर जुटे तो माहौल भावुक भी था और उत्साह से भरा भी। अलग-अलग शहरों और पेशों में अपनी पहचान बना चुके साथियों ने 32 साल बाद आयोजित रियूनियन में कॉलेज के दिनों को फिर से जीया। पुराने दोस्तों से मुलाकात, कॉलेज परिसर का भ्रमण और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस मिलन समारोह की खास यादें बन गए।
समारोह में पहुंचे सभी साथियों का पारंपरिक अंदाज में ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। आयोजकों ने तिलक लगाकर, फूलों की माला पहनाकर और हैंडबैंड देकर उनका अभिनंदन किया। वर्षों बाद मिल रहे साथियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
जीवन के सफर से लेकर पुरानी शरारतों तक हुई चर्चा
स्वागत के बाद परिचय सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सभी साथियों ने अपने-अपने जीवन के सफर, परिवार और कार्यक्षेत्र के अनुभव साझा किए। बातचीत के दौरान कॉलेज के दिनों की यादें, क्लासरूम की शरारतें और दोस्तों के साथ बिताए पल चर्चा का केंद्र बने। कई साथी पुराने किस्से सुनाते-सुनाते भावुक हो गए तो कई ठहाके लगाते नजर आए।
पुराने कॉलेज भवन ने लौटाईं 32 साल पुरानी यादें
रियूनियन का सबसे भावुक पल तब आया, जब सभी साथी अपने पुराने कॉलेज भवन लोहानी बिल्डिंग पहुंचे। वर्षों बाद उसी परिसर, उन्हीं कक्षाओं और गलियारों में पहुंचकर हर किसी की आंखों में पुरानी यादें ताजा हो गईं। सभी ने कॉलेज परिसर में सामूहिक फोटो खिंचवाकर इस खास पल को हमेशा के लिए संजो लिया।
गीत-संगीत, डांस और खेलों से दिनभर रहा उत्साह
दोपहर के भोजन के बाद मनोरंजन कार्यक्रमों का दौर शुरू हुआ। गीत, कविता, डांस और विभिन्न समूह खेलों में सभी साथियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उम्र का फासला मानो खत्म हो गया और हर कोई फिर से अपने छात्र जीवन वाली ऊर्जा के साथ नजर आया।
शिक्षकों को किया याद, फिर मिलने का लिया संकल्प
समारोह के दौरान सभी ने अपने शिक्षकों को याद करते हुए उनके मार्गदर्शन और संस्कारों के प्रति आभार जताया। साथ ही उन सहपाठियों को भी याद किया गया, जो इस बार रियूनियन में शामिल नहीं हो सके। कार्यक्रम के अंत में सभी ने भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे मिलन समारोह आयोजित करने और दोस्ती के इस रिश्ते को हमेशा बनाए रखने का संकल्प लिया।
32 साल बाद हुआ यह रियूनियन केवल पुराने दोस्तों का मिलन नहीं, बल्कि जीवन की उन यादों को फिर से जीने का अवसर बन गया, जिन्होंने सभी के चेहरे पर मुस्कान और दिलों में अपनापन फिर से लौटा दिया।