अलर्ट : छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से 3 महिलाओं की मौत
छत्तीसगढ़ में 4 जून से मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेशभर में गरज-चमक, तेज हवाएं (50-60 किमी प्रति घंटा) और बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों में बिजली गिरने की घटनाओं में तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि दंतेवाड़ा में 12 ग्रामीण घायल हुए हैं।
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को अब मौसम के बदलते तेवरों से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार 4 जून से प्रदेशभर में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, वहीं कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के प्रभाव से नमी बढ़ रही है। इसके चलते प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो रही हैं। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है।
तापमान में फिलहाल बड़े बदलाव के संकेत नहीं
हालांकि मौसम में बदलाव के बावजूद अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं जताई गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के तापमान में विशेष परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया। राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज के बीच आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान अलग-अलग जिलों में बिजली गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। दंतेवाड़ा जिले में 12 ग्रामीण बिजली की चपेट में आकर घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं बीजापुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों में भी खेत और खुले स्थानों पर काम कर रही महिलाएं बिजली गिरने से प्रभावित हुईं।
बादल, आंधी और बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में आज दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और धूलभरी आंधी चलने की संभावना जताई है। शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। शाम के समय मौसम में बदलाव अधिक स्पष्ट दिखाई दे सकता है।
मौसम विभाग ने किसानों, मजदूरों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खेतों, खुले मैदानों तथा ऊंचे स्थानों पर अनावश्यक रूप से न रुकने की अपील की गई है। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
बिजली गिरने के दौरान क्या करें
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गरज-चमक के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और धातु की वस्तुओं से दूर रहें। मोबाइल फोन का उपयोग सीमित करें और सुरक्षित भवन या वाहन के भीतर शरण लें। मौसम खराब होने पर खुले मैदान, जलाशयों और ऊंची जगहों से दूर रहना सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियों में बढ़ोतरी से प्रदेश में गर्मी की तीव्रता कुछ कम हो सकती है। हालांकि उमस बढ़ने की संभावना भी बनी रहेगी। आने वाले दिनों में मौसम के इसी तरह सक्रिय बने रहने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे किसानों और आम लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है।