मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान जिले को विकास की बड़ी सौगात देते हुए कुल 105 करोड़ 4 लाख 69 हजार रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। विशेष बात यह रही कि अचानक आए अंधड़, तेज तूफान और बारिश जैसी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के बावजूद कार्यक्रम बाधित नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से सभी योजनाओं का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, राज्य सरकार की जनता के विकास और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता अटल है। उन्होंने कहा कि मौसम की खराबी के कारण कार्यक्रम स्थल में परिवर्तन करना पड़ा, लेकिन विकास कार्यों को प्रारंभ करने में कोई रुकावट नहीं आने दी गई। यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
विकास का व्यापक दृष्टिकोण सुविधा और अवसरों का विस्तार
उन्होंने कहा कि विकास केवल भौतिक निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के जीवन में सुविधा, विश्वास और अवसरों के विस्तार का माध्यम है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्य सीधे आम नागरिकों के जीवन स्तर को प्रभावित करते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरल और सहज रूप से पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 78 करोड़ 1 लाख 33 हजार रुपये की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें प्रमुख रूप से विभिन्न सड़क परियोजनाएं, बाल संप्रेषण गृह निर्माण, नगर सेना भवन निर्माण तथा सीसी रोड, नाली एवं सामुदायिक अधोसंरचना विकास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने 27 करोड़ 3 लाख 36 हजार रुपये की लागत से पूर्ण 5 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें नवनिर्मित हमर क्लिनिक, बोर खनन कार्य तथा कई सड़क निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं।स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमर क्लिनिक जैसी सुविधाएं ग्रामीण जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि विकास की जीवनरेखा हैं। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और रोजगार के अवसरों का विस्तार होता है। सरकार का उद्देश्य गांवों को शहरों से और किसानों को बाजारों से जोड़ना है, ताकि समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।