क्रिसिल-नीति आयोग इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) 2026 में छत्तीसगढ़ ने निवेशकों के भरोसे से जुड़े अहम मानकों में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य ने नियमों में आसानी (Regulatory Ease) और संस्थागत माहौल (Institutional Environment) में देश के 17 बड़े राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं पर्यावरणीय लचीलेपन में राज्य दूसरे स्थान पर रहा है। पिछले 18 महीनों में छत्तीसगढ़ को करीब 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं।
निवेश और रोजगार को प्राथमिकता दे रही सरकार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया है। सरकार की निवेशक हितैषी नीतियों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है।
राष्ट्रीय आकलन में कई राज्यों को पीछे छोड़ा
क्रिसिल और नीति आयोग के संयुक्त मूल्यांकन में छत्तीसगढ़ को कुल 47.5 अंक मिले हैं। हालांकि समग्र रैंकिंग में राज्य 17 बड़े राज्यों में नौवें स्थान पर है, लेकिन निवेशकों के विश्वास से जुड़े प्रमुख मानकों में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है।
उद्योगों के लिए आसान हुई मंजूरी प्रक्रिया
नियमों में आसानी (Regulatory Ease) के मानक में छत्तीसगढ़ को 12 में से 8.4 अंक मिले हैं। इस श्रेणी में राज्य ने राजस्थान, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु जैसे औद्योगिक राज्यों को पीछे छोड़ा है। उद्योगों को मंजूरी, एनओसी, बिजली-पानी कनेक्शन और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पहले से अधिक सरल हुई हैं।
कम प्रशासनिक बाधाएं, तेज फैसले
रेगुलेटरी ईज में पहला स्थान मिलने का मतलब है कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों को कम प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निवेशकों को तेजी से अनुमति, कम अनुपालन लागत और बेहतर प्रशासनिक सहयोग मिल रहा है।
मजबूत संस्थागत व्यवस्था से बढ़ा भरोसा
संस्थागत माहौल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने 6 में से 4.5 अंक हासिल कर देश के बड़े राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस श्रेणी में शासन व्यवस्था, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध, श्रमिक विवाद, नीतिगत स्थिरता और शिकायत समाधान जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है।