राजधानी रायपुर के शहरी यातायात को अधिक सुगम, आधुनिक और किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। स्मार्ट सिटी और जिला प्रशासन की पहल पर आगामी 8 जून से शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर 8 नई मिनी-सिटी बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है।
इस नई शुरुआत से राजधानी के हजारों दैनिक यात्रियों, कामकाजी पेशेवरों, महिलाओं और छात्रों को सीधे तौर पर बड़ी राहत मिलेगी।
इन रूटों को जोड़ेगी नई बस सेवा
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों के रूट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि शहर के प्रमुख हब आपस में जुड़ सकें। ये बसें मुख्य रूप से निम्नलिखित रूट पर चलेंगी:
शुरुआती बिंदु: टाटीबंध चौक
प्रमुख स्टॉपेज: टाटीबंध से निकलकर ये बसें रेलवे स्टेशन और पचपेड़ी नाका होते हुए गुजरेंगी।
अंतिम पड़ाव: इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT), भाठागांव।
ताज़ा अपडेट: दोनों निर्धारित रूटों पर बसों के सुचारू संचालन के लिए आरटीओ (RTO) और संबंधित विभागों द्वारा 5 जून को औपचारिक अनुमति (परमिट) जारी कर दी जाएगी। इसके तुरंत बाद 8 जून से पहिए सड़कों पर दौड़ने लगेंगे।
हर 15 मिनट में मिलेगी बस, जेब पर भी नहीं पड़ेगा बोझ
अक्सर देखा जाता है कि लोगों को सिटी बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इस बार टाइम-टेबल को बेहद सटीक बनाया गया है:
नो वेटिंग पॉलिसी: हर स्टॉप पर यात्रियों को 15 से 20 मिनट के अंतराल में बस उपलब्ध हो जाएगी।
किफायती किराया: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच राहत देते हुए, टाटीबंध से रेलवे स्टेशन तक का किराया मात्र ₹25 तय किया गया है। यह ऑटो या निजी कैब के मुकाबले बेहद सस्ता है।
फीडबैक के आधार पर बढ़ेगा दायरा
प्रशासन इस सेवा को सीधे स्थायी करने के बजाय फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार:
शुरुआती मूल्यांकन: इस सेवा को पहले 45 दिनों के पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चलाया जाएगा।
समीक्षा: इस अवधि के दौरान रूट पर यात्रियों की संख्या (Footfall), रूट की उपयोगिता और संचालन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
विस्तार: यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो शहर के अन्य रूटों पर भी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, सफर होगा सुरक्षित
रायपुर की सड़कों पर लगातार बढ़ रहे वाहनों के दबाव और ट्रैफिक जाम से निपटने में यह मिनी-सिटी बस सेवा बेहद मददगार साबित होगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट मजबूत होने से लोग निजी वाहनों का उपयोग कम करेंगे, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रा सुरक्षित व सुलभ बनेगी।
