नक्सल प्रभावित बस्तर की धरती पर इस बार गोलियों की आवाज़ नहीं, बल्कि खेल भावना और टीम वर्क की गूंज सुनाई दी। बीजापुर पुलिस द्वारा आयोजित “कोड़सा बीजापुर प्रतियोगिता-2026” ने क्षेत्र में सकारात्मक माहौल का नया संदेश दिया। इस आयोजन में कांकेर डीआरजी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय कर जिले का गौरव बढ़ाया। खिलाड़ियों की अनुशासनप्रियता और ऊर्जा ने पूरे आयोजन में अलग ही उत्साह भर दिया।
तीन दिवसीय प्रतियोगिता में दमदार मुकाबले
25 से 27 मई 2026 तक पुलिस लाइन खेल मैदान, बीजापुर में आयोजित इस रेंज स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में बस्तर रेंज के विभिन्न जिलों की डीआरजी टीमों के साथ छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) और एसटीएफ की टीमों ने भी हिस्सा लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान कांकेर डीआरजी टीम ने लगातार मजबूत खेल दिखाया और कई रोमांचक मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए फाइनल तक अपनी जगह बनाई।फाइनल तक का सफर और उपविजेता का गौरव
कड़े संघर्ष वाले फाइनल मुकाबले में कांकेर डीआरजी टीम को उपविजेता के रूप में संतोष करना पड़ा, लेकिन उनके प्रदर्शन ने सभी का दिल जीत लिया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन तालमेल, अनुशासन और सकारात्मक सोच का परिचय दिया। मैदान में मौजूद अधिकारियों और दर्शकों ने खिलाड़ियों की खेल भावना की खुलकर सराहना की।

सम्मान समारोह और ‘कोड़सा’ का प्रतीकात्मक संदेश
समापन समारोह में विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, 30 हजार रुपये नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि “कोड़सा” का अर्थ नव अंकुरित पौधा है, जो विकास, विश्वास और प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ऐसी प्रतियोगिताएं केवल खेल नहीं, बल्कि नेतृत्व, अनुशासन और आपसी समन्वय को मजबूत करने का माध्यम हैं।टीम भावना से मिली नई पहचान
कांकेर डीआरजी टीम की यह उपलब्धि साबित करती है कि चाहे मैदान खेल का हो या कर्तव्य का, समर्पण और टीम भावना हमेशा सफलता की नई कहानी लिखते हैं। इस आयोजन ने सुरक्षा बलों के बीच आपसी सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा को और मजबूत किया है।
