भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एफआईएच प्रो लीग के अपने अंतिम मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से शिकस्त दी। ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए इस मुकाबले में निर्धारित 60 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन कोई भी गोल नहीं हो सका।
इसके बाद मुकाबले का फैसला शूटआउट से हुआ, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार संयम दिखाते हुए जीत अपने नाम कर ली। इस मुकाबले में अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा और हार्दिक सिंह ने शूटआउट में गोल किए, जबकि डिफेंडर संजय को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। मैच की शुरुआत मेजबान इंग्लैंड ने तेज आक्रमण के साथ की।
पहले क्वार्टर में ही उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर मोहित शशिकुमार ने शानदार बचाव करते हुए टीम को शुरुआती झटका लगने से बचा लिया। उन्होंने लगातार कई बेहतरीन सेव किए और इंग्लैंड के हमलों को नाकाम कर दिया।
तीसरे क्वार्टर में बढ़ा रोमांच
भारत को भी पहले क्वार्टर में अभिषेक के जरिए गोल करने का मौका मिला, लेकिन वह इसे भुना नहीं सके। पहले 15 मिनट के खेल के बाद स्कोर 0-0 रहा। दूसरे क्वार्टर में इंग्लैंड ने भारतीय डी में लगातार दबाव बनाया, लेकिन भारतीय डिफेंस पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहा। दूसरी ओर भारत ने भी जवाबी हमला किया। जरमनप्रीत सिंह ने शानदार शॉट लगाया, लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर ने बेहतरीन बचाव कर भारत को बढ़त लेने से रोक दिया। हाफ टाइम तक दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन कोई भी गोल नहीं हो पाया। तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम अधिक आक्रामक नजर आई। कप्तान हार्दिक सिंह ने मिडफील्ड से शानदार मूव बनाते हुए मंदीप सिंह के लिए बेहतरीन मौका तैयार किया, लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर ने फिर शानदार बचाव किया।
37वें मिनट में हार्दिक के प्रयास से भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, हालांकि अमनदीप लाकड़ा इसे गोल में नहीं बदल सके। इसी क्वार्टर के अंतिम चरण में मुकाबले का सबसे अहम पल सामने आया। यशदीप सिंह पर हेनरी क्रॉफ्ट के खिलाफ फाउल का आरोप लगाते हुए इंग्लैंड को पेनल्टी स्ट्रोक दिया गया। भारतीय टीम ने तुरंत वीडियो रेफरल लिया। रिप्ले में साफ हुआ कि भारतीय खिलाड़ी का टैकल पूरी तरह वैध था। इसके बाद अंपायर ने अपना फैसला बदल दिया और इंग्लैंड के निकोलस पार्क को ग्रीन कार्ड दिखाया।
भारतीय पुरुष दमदार प्रदर्शन करते हुएगोलकीपरों ने बचाए कई मुश्किल मौके
भारत को इसके बाद एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर ने फिर शानदार बचाव किया। चौथे और अंतिम क्वार्टर में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने कई शानदार सेव कर इंग्लैंड को बढ़त लेने से रोके रखा। भारत को भी लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन विपक्षी डिफेंस ने उन्हें गोल में नहीं बदलने दिया। अंतिम मिनटों में इंग्लैंड को भी पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारत ने फिर वीडियो रेफरल लिया और फैसला उसके पक्ष में आया। निर्धारित समय समाप्त होने तक स्कोर 0-0 ही रहा।
संजय ने किया प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार अपने नाम
शूटआउट में भारत ने दिखाई जीत की भूख मैच का फैसला आखिरकार पेनल्टी शूटआउट में हुआ। भारतीय टीम ने दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन किया और 3-2 से मुकाबला जीत लिया। अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा और कप्तान हार्दिक सिंह ने शानदार गोल दागे, जबकि भारतीय डिफेंस और दोनों गोलकीपरों ने पूरे मैच में क्लीन शीट बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
संजय ने डिफेंस में शानदार प्रदर्शन कर 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार अपने नाम किया। एफआईएच प्रो लीग का यह आखिरी मुकाबला भारतीय टीम के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हुआ और आगामी हॉकी विश्व कप से पहले टीम ने जीत के साथ अपना अभियान समाप्त किया।