टला हादसा : छत का प्लास्टर गिरा, बाल-बाल बचे बच्चे
जांजगीर-चांपा जिले के हाथिटिकरा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। केंद्र के एक कमरे की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। घटना के समय वहां मौजूद कार्यकर्ता और सहायिका तेज आवाज सुनकर घबरा गईं।
जांजगीर-चांपा जिले के हाथिटिकरा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। केंद्र के एक कमरे की छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। घटना के समय वहां मौजूद कार्यकर्ता और सहायिका तेज आवाज सुनकर घबरा गईं। राहत की बात यह रही कि उस समय तक कोई भी बच्चा आंगनबाड़ी केंद्र नहीं पहुंचा था। यदि बच्चे वहां मौजूद होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
बच्चों के आने से पहले चल रही थी तैयारी
हर दिन की तरह सोमवार सुबह भी आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं। कार्यकर्ता और सहायिका केंद्र की साफ-सफाई और अन्य जरूरी काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक छत का प्लास्टर टूटकर नीचे गिर गया। तेज धमाके की आवाज सुनकर दोनों तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद कुछ समय के लिए केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया।
मलबा हटाया गया, सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
घटना के बाद बच्चों के आने से पहले ही गिरे हुए प्लास्टर और मलबे को साफ कराया गया, ताकि किसी तरह का खतरा न रहे। हालांकि इस घटना ने आंगनबाड़ी भवन की मजबूती और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की समय-समय पर जांच होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। वहीं, अभिभावकों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और वे भवन की मरम्मत तथा जांच की मांग कर रहे हैं।जांच और मरम्मत की उठी मांग
घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने आंगनबाड़ी भवन की तत्काल जांच कराने और आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की स्थिति की जांच की जाती, तो ऐसी घटना से बचा जा सकता था। लोगों ने प्रशासन से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कराने और जर्जर भवनों की जल्द मरम्मत या नए भवन बनाने की मांग की है, ताकि बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।