विश्व की नंबर एक टेनिस खिलाड़ी एरिना सबालेंका ने फ्रेंच ओपन 2026 में अपनी शानदार लय बरकरार रखते हुए पूर्व विश्व नंबर एक नाओमी ओसाका को सीधे सेटों में हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। रोलैंड गैरोस के चौथे दौर में खेले गए मुकाबले में सबालेंका ने ओसाका को 7-5, 6-3 से मात दी। इस जीत के साथ उन्होंने लगातार 14वें ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर अपनी निरंतरता का एक और बड़ा उदाहरण पेश किया है। महिला एकल वर्ग में अब सबालेंका ही ऐसी खिलाड़ी बची हैं, जो पहले किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंच चुकी हैं। ऐसे में खिताब की सबसे प्रबल दावेदारों में उनका नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है।
ओसाका ने दिखाई आक्रामकता
मुकाबले की शुरुआत जापान की स्टार खिलाड़ी नाओमी ओसाका के पक्ष में रही। उन्होंने पहले दो गेम जीतकर मैच पर शुरुआती पकड़ बना ली। दूसरी तरफ सबालेंका दबाव में दिखाई दीं और शुरुआती चरण में कई अनफोर्स्ड एरर कर बैठीं। उन्होंने एक डबल फॉल्ट भी किया, जिसने ओसाका को शुरुआती बढ़त दिलाने में मदद की। विश्व नंबर एक खिलाड़ी ने जल्द ही अपनी लय हासिल कर ली। आक्रामक फोरहैंड शॉट्स और सटीक सर्विस के दम पर उन्होंने मैच में वापसी की और शुरुआती ब्रेक की भरपाई कर ली। इसके बाद सबालेंका ने अपनी सर्विस पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा और पूरे मुकाबले में ओसाका को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया।
सर्विस बनी जीत
मैच में सबालेंका की सर्विस उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुई। शुरुआती संघर्ष के बाद उन्होंने अपनी सर्विस गेम को इतनी मजबूती से संभाला कि पूरे मुकाबले के शेष हिस्से में उन्हें एक भी ब्रेक पॉइंट का सामना नहीं करना पड़ा। दूसरे सेट के छठे गेम में जरूर मुकाबला कुछ समय के लिए रोमांचक हो गया। उस समय ओसाका 3-2 से आगे थीं और दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियां देखने को मिलीं। करीब छह मिनट तक चले इस गेम में दर्शकों को उच्चस्तरीय टेनिस का रोमांच देखने मिला। लेकिन सबालेंका ने धैर्य और अनुभव का परिचय देते हुए गेम अपने नाम किया। यही वह मोड़ था जहां से मैच पूरी तरह बदल गया। इसके बाद सबालेंका ने लगातार चार गेम जीतकर मुकाबले पर अपना कब्जा जमा लिया और सीधे सेटों में जीत दर्ज कर ली।
मौकों का फायदा नहीं उठा सकीं ओसाका
ओसाका ने मैच में कई शानदार शॉट लगाए और शुरुआती दौर में सबालेंका को परेशानी में भी डाला, लेकिन निर्णायक मौकों पर वह अपनी बढ़त को बरकरार नहीं रख सकीं। दूसरे सेट में मिले अवसरों को भुनाने में नाकाम रहने का खामियाजा उन्हें हार के रूप में भुगतना पड़ा। इसके विपरीत सबालेंका ने हर महत्वपूर्ण क्षण में सटीक खेल दिखाया और अपने अनुभव का पूरा लाभ उठाया। यही कारण रहा कि मुकाबला धीरे-धीरे उनके पक्ष में झुकता चला गया।
निराशा को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहीं सबालेंका
गौरतलब है कि पिछले वर्ष सबालेंका फ्रेंच ओपन खिताब जीतने से चूक गई थीं। लेकिन इस बार उनका आत्मविश्वास और खेल दोनों ही शानदार नजर आ रहे हैं। टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है और अब वह खिताब जीतने की प्रमुख दावेदार बन चुकी हैं। जीत के बाद सबालेंका ने कहा कि वह टूर्नामेंट को लेकर अधिक दबाव नहीं ले रही हैं और केवल अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। उन्होंने कहा, मैं ज्यादा सोच-विचार नहीं कर रही हूं। इस बार मैं खुद को अतिरिक्त दबाव से दूर रखने की कोशिश कर रही हूं। टेनिस ऐसा खेल है जिसमें कुछ भी हो सकता है और यही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है। मेरा पूरा ध्यान अपने प्रदर्शन पर है। मैं हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रही हूं। जब भी कोर्ट पर उतरती हूं तो पूरी ऊर्जा और पूरी ताकत के साथ खेलती हूं। इस ट्रॉफी को जीतने के लिए मैं अपनी ओर से हर संभव प्रयास कर रही हूं।
डायना श्नाइडर से होगी टक्कर
क्वार्टर फाइनल में सबालेंका का सामना रूस की 25वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी डायना श्नाइडर से होगा। श्नाइडर ने चौथे दौर में 19वीं वरीयता प्राप्त मैडिसन कीज को तीन सेटों के संघर्षपूर्ण मुकाबले में हराकर अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। युवा खिलाड़ी श्नाइडर शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन अनुभव और वर्तमान प्रदर्शन को देखते हुए सबालेंका को मुकाबले में बढ़त हासिल मानी जा रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सबालेंका इस बार रोलैंड गैरोस की ट्रॉफी अपने नाम कर पाएंगी या फिर कोई नया चेहरा इतिहास रचेगा।
