Tuesday, 07 Jul 2026 भारत
W 𝕏 f
होम राष्ट्रीय किसानों के लिए खुशखबरी : मिडिल ईस्ट तनाव के बीच न…
15 जहाज सुरक्षित भारत की ओर
15 जहाज सुरक्षित भारत की ओर
राष्ट्रीय

किसानों के लिए खुशखबरी : मिडिल ईस्ट तनाव के बीच नहीं रुकेगी खाद की सप्लाई, 15 जहाज सुरक्षित भारत की ओर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से उर्वरक और कच्चा माल लेकर 15 मालवाहक जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को खाद की उपलब्धता प्रभावित नहीं होगी और घरेलू उत्पादन भी सामान्य गति से जारी रहेगा।

कीर्तिमान न्यूज
06 Jul 2026, 08:57 AM
नई दिल्ली
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे भारी तनाव के बीच भारतीय कृषि क्षेत्र और किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) से भारत के 15 मालवाहक जहाज सुरक्षित रूप से बाहर निकल चुके हैं। इन जहाजों में भारतीय खेतों के लिए बेहद जरूरी कच्चा माल और उर्वरक (फर्टिलाइजर) लदा हुआ है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी खुद केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने साझा की है। माना जा रहा है कि वैश्विक संकट के इस दौर में यह भारत की बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक जीत है।

जहाजों में क्या आ रहा है? जानिए पूरा गणित

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर भारत की ओर बढ़ रहे इन 15 जहाजों में लाखों टन खाद और कच्चा माल मौजूद है, जो खरीफ और आगामी फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगा:

  • यूरिया: कुल 8 जहाजों में करीब 3.32 लाख मीट्रिक टन (LMT) यूरिया भारत आ रहा है।

  • DAP (डाई-अमोनियम फॉस्फेट): 4 जहाजों में 2.57 LMT डीएपी लदा है।

  • सल्फर: 3 जहाजों के जरिए 1.11 LMT सल्फर की खेप पहुंच रही है।

राहत की बात यह भी है कि सिर्फ यही 15 जहाज नहीं, बल्कि इसी रास्ते से 5 और जहाज जल्द ही भारत की सीमा में दाखिल होने वाले हैं।

वैश्विक संकट पर बोले जेपी नड्डा— 'पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार सतर्क'

इस पूरे घटनाक्रम और वैश्विक सप्लाई चेन में आई रुकावटों पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, 

"पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष ने पूरी दुनिया की सप्लाई चेन की कमर तोड़ दी है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई और जहाजों को भारत पहुंचने में सामान्य से कहीं ज्यादा वक्त लगने लगा। इस संकट का असर सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ा है।" उन्होंने आगे कहा, "इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार पहले दिन से सतर्क थी और हमने हर स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी कर रखी थी, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।"

संकट के बावजूद किसानों पर नहीं आने दी आंच

मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद की कीमतें आसमान छूने के बावजूद केंद्र सरकार ने इसका बोझ भारतीय किसानों पर नहीं पड़ने दिया और सब्सिडी के जरिए कीमतों को नियंत्रित रखा। इस संकट का एक बड़ा असर यह हुआ था कि घरेलू फर्टिलाइजर प्लांट्स को मिलने वाली नेचुरल गैस की सप्लाई घटकर महज 35% रह गई थी (यानी करीब 65% की भारी गिरावट आई थी)। लेकिन सरकार के ठोस प्रयासों के बाद अब राहत की खबर यह है कि फर्टिलाइजर प्लांटों को मिलने वाली यह नेचुरल गैस सप्लाई अब 100% यानी पूरी तरह बहाल कर दी गई है। इससे देश के भीतर भी खाद का उत्पादन अब दोगुनी तेजी से शुरू हो गया है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें