42 साल की अभिनेत्री कल्कि कोचलिन ने हाल ही में सोहा अली खान के यूट्यूब टॉक शो में अपने रोज़मर्रा के लाइफस्टाइल के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह रात 10:30 बजे तक सो जाती हैं और सुबह 6:30 बजे उठना चाहती हैं ताकि अपनी बेटी के साथ समय बिता सकें। उनका मानना है कि सुबह का समय उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दौरान वह अपनी बेटी का टिफिन तैयार करती हैं और उसे स्कूल के लिए भेजती हैं।
बच्चे के रूटीन के अनुसार जीवनशैली
कल्कि ने बताया कि उनकी 6 साल की बेटी रात 8 बजे तक सो जाती है और घर में 8:30 बजे तक लाइट बंद कर दी जाती है। वह कोशिश करती हैं कि शाम 7 बजे तक डिनर पूरा हो जाए ताकि परिवार के साथ समय भी रहे और रूटीन भी सही बना रहे। उनके अनुसार बच्चों के साथ एक स्थिर दिनचर्या रखना बेहद जरूरी है।
8 घंटे की नींद का महत्व
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि वह 8 घंटे की नींद को अपनी सेहत और मानसिक संतुलन के लिए जरूरी मानती हैं। हालांकि, वह स्वीकार करती हैं कि उन्हें यह नियमित रूप से नहीं मिल पाती। उनके अनुसार पर्याप्त नींद से मन शांत रहता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है।
डॉक्टर की राय: नींद कितनी जरूरी है
एस्लस हॉस्पिटल, रायपुर के कंसल्टेंट डॉ. श्रीप्रकाश सिंह के अनुसार, वयस्कों के लिए 7 से 9 घंटे की नींद आदर्श मानी जाती है। उन्होंने बताया कि केवल घंटों की संख्या ही नहीं, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि व्यक्ति दिनभर कितना अलर्ट, फोकस्ड और इमोशनली स्थिर महसूस करता है। अगर कोई व्यक्ति तरोताजा महसूस करता है, तो उसकी नींद की जरूरत पूरी हो रही होती है।
डिनर का समय और नींद की गुणवत्ता
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले डिनर करना बेहतर होता है। इससे पाचन सही रहता है और नींद में बाधा नहीं आती। देर से या भारी भोजन करने से एसिडिटी, ब्लोटिंग और नींद में परेशानी हो सकती है। हल्का और समय पर खाना बेहतर नींद में मदद करता है।
नींद की गुणवत्ता के संकेत
डॉक्टरों का कहना है कि अच्छी नींद की पहचान इस बात से होती है कि व्यक्ति 15–20 मिनट में सो जाए, रातभर बिना बाधा के सोए और सुबह थकान महसूस न करे। नींद केवल समय पर नहीं, बल्कि उसकी गहराई और निरंतरता पर भी निर्भर करती है।
नियमित दिनचर्या का महत्व
नींद की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित समय पर सोना और उठना बेहद जरूरी है। इसके अलावा रात में स्क्रीन टाइम कम करना, कैफीन से बचना और शांत वातावरण बनाना भी मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नींद सिर्फ आराम नहीं बल्कि शरीर और दिमाग की रिकवरी का एक जरूरी हिस्सा है।
