मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MPBSE) ने हाल ही में 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में ऐसे छात्र सामने आए हैं जो परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे हैं या अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं हैं। इन छात्रों के लिए बोर्ड ने एक राहत भरी व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत उन्हें अपने परिणाम सुधारने का दूसरा अवसर दिया जा रहा है।
इस साल बोर्ड ने पारंपरिक पूरक परीक्षा की जगह “द्वितीय अवसर परीक्षा” (Second Chance Exam) की व्यवस्था लागू की है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य छात्रों का शैक्षणिक वर्ष खराब होने से बचाना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का एक अतिरिक्त मौका देना है। इस परीक्षा में वे सभी छात्र शामिल हो सकते हैं जो मुख्य परीक्षा में असफल रहे हैं, अनुपस्थित थे या फिर अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं।
कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
बोर्ड द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, द्वितीय अवसर परीक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छात्र एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 अप्रैल निर्धारित की गई है। यह स्पष्ट किया गया है कि इस परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को मुख्य परीक्षा की मूल अंकसूची (मार्कशीट) जारी नहीं की जाएगी, बल्कि उनके परिणाम द्वितीय अवसर परीक्षा के बाद ही अंतिम रूप से तय होंगे।
परीक्षा कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है। 12वीं कक्षा की द्वितीय अवसर परीक्षा 7 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी, जबकि 10वीं कक्षा की परीक्षा 7 मई से 19 मई 2026 के बीच होगी। इस दौरान छात्रों को अपने विषयों के अनुसार परीक्षा में शामिल होना होगा।
10 दिनों के भीतर कर सकते हैं आवेदन
इसके अलावा, बोर्ड ने पुनर्गणना (री-इवैल्यूएशन) और उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के लगभग 10 दिनों के भीतर छात्र इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में छात्र की ई-मेल आईडी दर्ज करना अनिवार्य होगा, क्योंकि उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी सीधे ई-मेल के माध्यम से भेजी जाएगी। यह सुविधा मोबाइल ऐप के जरिए भी उपलब्ध है। छात्र “MPBSE” या “MPMOBILE” ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर इसका लाभ ले सकते हैं।
इस नई व्यवस्था को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को एक से अधिक अवसर देकर उनकी सीखने की क्षमता और प्रदर्शन को बेहतर बनाना है। इस बदलाव से उन हजारों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है जो मुख्य परीक्षा में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए थे।
