कहीं कोई अपराधी, फरार आरोपी या संदिग्ध व्यक्ति फर्जी पहचान के सहारे आपके आसपास ठहरा हो और किसी को इसकी भनक तक न लगे, अब कांकेर जिले में ऐसा कर पाना आसान नहीं होगा। नागरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने तथा अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से कांकेर पुलिस ने “समाधान ऐप” के जरिए किराएदार और होटल सत्यापन व्यवस्था को डिजिटल और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय कांकेर में होटल, लॉज, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, हॉस्टल, विवाह स्थल एवं अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों के संचालकों की विशेष बैठक आयोजित की गई।
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक विंकेश्वरी पिंदे के पर्यवेक्षण में आयोजित बैठक में समाधान ऐप के माध्यम से ऑनलाइन सत्यापन की संपूर्ण प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस विभाग आधुनिक तकनीक का उपयोग कर नागरिक सुरक्षा को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है तथा समाधान ऐप इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
फर्जी पहचान छिपाने वालों पर रहेगी कड़ी नजर
बैठक में बताया गया कि कई मामलों में अपराधी और संदिग्ध व्यक्ति अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर होटल, लॉज या किराए के मकानों में ठहरने का प्रयास करते हैं। ऐसे में प्रत्येक अतिथि और किराएदार का समय पर सत्यापन होने से न केवल संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान आसान होगी, बल्कि अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी पुलिस को महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। इससे जिले में सुरक्षा तंत्र और अधिक मजबूत होगा।
अधिकारियों ने संचालकों को जानकारी दी कि अब किसी भी अतिथि या किराएदार का सत्यापन मोबाइल फोन के माध्यम से कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन किया जा सकता है। नई व्यवस्था से प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबचत वाली बन गई है। साथ ही इससे पुलिस और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा सुरक्षा संबंधी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव हो सकेगा।
कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन और सीसीटीवी अनिवार्य
बैठक के दौरान होटल एवं लॉज संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने यहां कार्यरत सभी कर्मचारियों का आधार कार्ड, पैन कार्ड और पूर्ण पते के आधार पर पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं। इसके अलावा प्रतिष्ठानों के प्रमुख स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल जांच की जा सके।
कार्यक्रम में डीसीबी प्रभारी निरीक्षक मनोरमा कुर्रे, एएसआई पवन जैन, डोगेश्वर कुमार सहित जिले के लगभग 40 होटल और लॉज संचालकों ने भाग लिया। बैठक में मौजूद सभी संचालकों को समाधान ऐप के उपयोग और उसके लाभों की जानकारी दी गई तथा सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।
पुलिस की अपील हर किराएदार और अतिथि का सत्यापन करें
कांकेर पुलिस ने सभी होटल, लॉज, धर्मशाला, गेस्ट हाउस, हॉस्टल संचालकों तथा किराएदार रखने वाले मकान मालिकों से अपील की है कि वे समाधान ऐप डाउनलोड कर प्रत्येक अतिथि और किराएदार का सत्यापन अनिवार्य रूप से करें। साथ ही किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अपराध संबंधी सूचना या असामान्य स्थिति की जानकारी तत्काल पुलिस हेल्पलाइन नंबर 9479155125 पर देने का आग्रह किया गया है।
कांकेर पुलिस का मानना है कि नागरिकों की सतर्कता और आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग ही अपराधियों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार साबित होगा। समाधान ऐप के माध्यम से सत्यापन व्यवस्था को डिजिटल बनाकर जिले की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिससे भविष्य में अपराध नियंत्रण और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और अधिक प्रभावी हो सकेगी।
