दिनभर पति-पत्नी के बीच सब कुछ सामान्य रहता था, लेकिन रात होते ही तेज खर्राटे दोनों के रिश्ते में तनाव की वजह बन गए। लगातार कई महीनों तक नींद पूरी नहीं होने से परेशान पत्नी ने आखिरकार तलाक लेने का फैसला कर लिया। फैमिली काउंसलर के सामने उसने कहा, "पति बहुत अच्छे हैं, लेकिन मैं पूरी रात जागकर नहीं रह सकती।"
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है। बदलती जीवनशैली और बढ़ते मोटापे के कारण खर्राटों और स्लीप एपनिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका असर अब दांपत्य जीवन और पारिवारिक रिश्तों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
खर्राटों को हल्के में न लें
छाती एवं श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रखर अग्रवाल के अनुसार, तेज खर्राटे कई बार स्लीप एपनिया का संकेत होते हैं। इस बीमारी में सोते समय सांस बार-बार रुकती है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर 95 प्रतिशत से घटकर 50 से 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए लगातार खर्राटे आने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
10 साल में कई गुना बढ़े मरीज
डॉ. प्रखर अग्रवाल के मुताबिक, 10 साल पहले उनके पास हर महीने 15 से 20 ऐसे मरीज आते थे। अब यह संख्या बढ़कर 50 से 60 तक पहुंच गई है। उनका कहना है कि मोटापा, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।रिश्तों पर भी पड़ रहा असर
भोपाल की फैमिली काउंसलर रीता तुली बताती हैं कि खर्राटों की वजह से पति-पत्नी के बीच विवाद के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हाल ही में एक दंपती का रिश्ता तलाक की कगार तक पहुंच गया। कई अन्य मामलों में भी दंपतियों को चिकित्सकीय जांच और इलाज की सलाह दी गई। उनके अनुसार, इस समस्या से महिलाएं और पुरुष दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
सिर्फ मरीज नहीं, परिवार भी होता है परेशान
विशेषज्ञों के अनुसार, खर्राटों का असर केवल मरीज पर नहीं पड़ता। उसके साथ सोने वाले व्यक्ति की नींद भी बार-बार टूटती है। इसके कारण दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन, गुस्सा, काम में मन न लगना और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लंबे समय तक ऐसा होने पर पारिवारिक रिश्तों में भी दूरी आने लगती है।
हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है
डॉक्टरों के मुताबिक, स्लीप एपनिया से पीड़ित लोगों में हार्ट अटैक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक होता है। ऑक्सीजन की कमी के कारण शरीर में रक्त के थक्के बनने का जोखिम भी बढ़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक की आशंका रहती है।मशहूर हस्तियां भी रही हैं प्रभावित
डॉ. प्रखर अग्रवाल के अनुसार, प्रसिद्ध गायक बप्पी लाहिड़ी की स्वास्थ्य समस्याओं में स्लीप एपनिया भी एक कारण माना गया था। वहीं गायक अरमान मलिक ने भी सार्वजनिक रूप से बताया था कि इलाज के बाद उनकी सेहत और जीवनशैली में काफी सुधार आया।
क्या करें
यदि रोजाना तेज खर्राटे आते हैं, सोते समय सांस रुकने जैसा महसूस होता है, सुबह उठने पर थकान रहती है या दिनभर नींद आती है, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और इलाज से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।





