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शिक्षक फेडरेशन ने DEO को ज्ञापन सौंपा
शिक्षक फेडरेशन ने DEO को ज्ञापन सौंपा
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चेतावनी : एक हफ्ते का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानीं तो DEO कार्यालय पर शिक्षकों का प्रदर्शन

महासमुंद में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पदोन्नति, एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 10 जुलाई के बाद जिलेभर के शिक्षक DEO कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
06 Jul 2026, 09:27 AM
महासमुंद
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने अपनी लंबित और न्यायसंगत मांगों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO)  के खिलाफ सीधे आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। फेडरेशन के जिला अध्यक्ष ईश्वर चंद्राकर के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और साफ कर दिया कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 10 जुलाई के बाद पूरे जिले के शिक्षक DEO कार्यालय का उग्र घेराव करेंगे।
जब फेडरेशन ने विभाग से पूछा कि विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक होने के बाद भी प्रधानपाठक पदोन्नति की सूची जारी करने में लेट-लतीफी क्यों की जा रही है, तो अधिकारी नये शिक्षण सत्र और टीईटी (TET) की समस्या और शासन के निर्देशों का बहाना बनाने लगे। फेडरेशन ने इस पर तीखी आपत्ति दर्ज करते हुए पूछा है कि इस घोर लापरवाही और कछुआ चाल के लिए आखिर कौन जवाबदार है? अधिकारियों की इस तानाशाही को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एकल शिक्षकीय शालाओं पर DEO ने झाड़ा पल्ला

जिले में दम तोड़ती शिक्षा व्यवस्था और एकल शिक्षकीय (एक शिक्षक वाले) स्कूलों की बदहाली पर जब DEO ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि 'यह शासन स्तर का मामला है', तो फेडरेशन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। फेडरेशन ने दो टूक कहा है कि एक अकेले शिक्षक के भरोसे नौनिहालों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है। ऐसी स्थिति में स्कूलों का संचालन और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना असंभव है। इस व्यवस्था के खिलाफ मुखर होकर फेडरेशन अब अभियान शुरू करने जा रहा है। इस आंदोलन में गांवों के स्कूलों की व्यवस्था के कारण शिक्षा की गुणवत्ता में आने वाली समस्या से अवगत कराया जायेगा। 

फेडरेशन की मुख्य और अपरिवर्तनीय मांगें:

  • तत्काल पदोन्नति: एक सप्ताह के भीतर प्राथमिक  प्रधानपाठक पदोन्नति की प्रक्रिया को पूर्ण कर सूची जारी की जाए।
  • शिक्षकों का प्रबंधन: एकल शिक्षकीय शालाओं में आपातकालीन आधार पर तत्काल अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना की जाए।
  • वित्तीय अधिकार: मर्ज की गई शालाओं के प्राथमिक एवं मिडिल प्रधानपाठकों को बिना किसी देरी के सचिव व कोषाध्यक्ष का प्रभार सौंपा जाए।
  • वित्तीय लेन देन में सामंजस्य स्थापित करने के लिए ऐसा करना बेहद जरूरी है।
  • गैर-शिक्षकीय कार्य पर रोक: शिक्षकों को बाबू समझने की भूल बंद हो, उनसे लिए जा रहे तमाम गैर-शैक्षणिक कार्यों पर तत्काल और पूर्ण विराम लगाया जाए।
शिक्षक से आखिर क्यों कराया जाता है गैर शिक्षकीय कार्य हर छोटे बड़े कामों को आनलाइन करना शिक्षकीय कार्य नहीं ,पुस्तकों को स्कैनिंग करना शिक्षकीय कार्य नहीं अन्य विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु सर्व करना शिक्षकीय कार्य नहीं स्कूल में शिक्षक बच्चों को शिक्षा देने के लिए नियुक्त किये गए है माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट आदेश दिया है कि शिक्षकों से गैर शिक्षकीय कार्य न लिया जाए परंतु विभाग शिक्षकों से आए दिन गैर शिक्षकीय कार्य ही करवाता है जबकि इन कामों से बच्चों की पढ़ाई में सीधा असर देखने को मिलता है। शिक्षा विभाग फेडरेशन की मांगो पर करने चिंतन अन्यथा जिले भर शिक्षकों द्वारा उग्र आंदोलन की अंतिम चेतावनी दी गई।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

जिला अध्यक्ष ईश्वर चंद्राकर सहित प्रांतीय पदाधिकारी कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सिराज बक्श, ब्लॉक अध्यक्ष द्वय बाबूलाल ध्रुव महासमुंद, प्रकाश बघेल बागबाहरा, कमलेश नायक पिथौरा, शरण दास बसना, गणेश चौहान सरायपाली सहित  जिला पदाधिकारियों ने शासन और जिला प्रशासन सहित शिक्षा विभाग को चेतावनी देते हुए कहा है कि फेडरेशन अब किसी भी प्रकार के कोरे आश्वासनों के झांसे में नहीं आने वाला। अगर एक हफ्ते के भीतर विभाग की कुंभकर्णी नींद नहीं खुली, तो 10 जुलाई के बाद सूचना देकर जिले के कोने-कोने से शिक्षक अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने DEO कार्यालय पहुंचेंगे। इस उग्र आंदोलन, तालाबंदी और इससे होने वाली किसी भी प्रशासनिक अशांति की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी और शिक्षा विभाग की होगी।
आज की जिला स्तरीय वार्ता में प्रमुख रूप से प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सिराज बक्श ब्लॉक अध्यक्ष बाबू लाल ध्रुव सचिव विनय यादव जिला पदाधिकारी  विष्णु जागृति विजय राजपूत आत्मा राम साहू राजेश चंद्राकर राजेश  भालेराव बलराम नेताम अनिल कुमार चंद्राकर जितेंद्र साहू सहित बड़ी संख्या में फेडरेशन पदाधिकारी मौजूद थे।
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