छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने मानवता को शर्मसार करने वाले एक सनसनीखेज मानव तस्करी मामले का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को देह व्यापार और जबरन विवाह के दलदल से सुरक्षित रेस्क्यू करते हुए छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश तक फैले गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने नाबालिग को काम दिलाने का झांसा देकर डेढ़ लाख रुपये में सौदा कर दिया था।
काम का झांसा देकर मध्य प्रदेश में 'सौदा'
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने 11 अप्रैल 2026 को थाने में अपनी आपबीती सुनाई।
नाबालिग को फसाय जल में
पीड़िता के अनुसार, पारिवारिक अनबन के कारण वह परेशान थी, जिसका फायदा उसकी एक परिचित 'चमेली' (परिवर्तित नाम) ने उठाया। चमेली उसे काम दिलाने के बहाने रायगढ़ ले आई, जहाँ पहले से सक्रिय मानव तस्कर गिरोह के सदस्य बिन्दिया रात्रे, अभय यादव, चीकू खान और पूजा उर्फ बॉबी ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी नाबालिग को मध्य प्रदेश के सागर जिले ले गए, जहाँ सुनील दीक्षित नामक व्यक्ति से 1.5 लाख रुपये लेकर मंदिर में उसकी जबरन शादी करा दी गई।
लगातार शारीरिक शोषण
खरीदार सुनील ने बालिका के साथ लगातार शारीरिक शोषण किया।
नरक से बचकर निकली पीड़िता, पर यहाँ भी मिला धोखा
किसी तरह आरोपी सुनील के चंगुल से भागकर पीड़िता वापस रायगढ़ पहुंची, लेकिन पिता के डर से घर नहीं गई। यहाँ वह पुनः आरोपी बिन्दिया रात्रे के संपर्क में आई। बिन्दिया ने सहानुभूति दिखाने के बजाय उसे अपने पास रखा और पैसों के लालच में उसे अन्य पुरुषों के पास भेजकर देह व्यापार कराने लगी।
अंततः बालिका ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से सहायता मांगी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी की टीम ने तत्काल जाल बिछाया। पुलिस ने सबसे पहले स्थानीय दलालों को हिरासत में लिया, जिनकी निशानदेही पर मध्य प्रदेश के छतरपुर से मुख्य खरीदार सुनील दीक्षित को भी धर दबोचा गया।
