जिले में विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं सुशासन तिहार के अंतर्गत 13 मई को जिले के पांचों विकासखंडों के 10 ग्रामों में व्यापक जनजागरूकता एवं समाधान शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य किसानों एवं ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देना तथा उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करना रहा।
कार्यक्रम के तहत विकासखंड महासमुंद के ग्राम नरतोरा एवं ढांक, विकासखंड बागबाहरा के ग्राम आंवराडबरी एवं जामली, विकासखंड पिथौरा के ग्राम बरनईदादर एवं गढ़बेड़ा, विकासखंड बसना के ग्राम भौना एवं मेदापाली तथा विकासखंड सरायपाली के ग्राम केना एवं सिरपुर में शिविर आयोजित किए गए। इन सभी स्थानों पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखी गई।
शिविरों में कृषि विभाग सहित अन्य समवर्गीय विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों एवं जनप्रतिनिधियों को दी गई। अधिकारियों द्वारा योजनाओं के लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार फसलवार संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसके साथ ही किसानों को यह भी बताया गया कि सही मात्रा और सही समय पर उर्वरक उपयोग करने से उत्पादन में वृद्धि होती है और भूमि की गुणवत्ता भी बनी रहती है।
वैकल्पिक उर्वरकों एवं जैविक खेती को बढ़ावा
किसानों को वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ई-उर्वरक (टोकन प्रणाली) आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था के संबंध में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने पारंपरिक डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, 12:32:16, 20:20:13 तथा एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी।साथ ही किसानों को हरी खाद, जैव उर्वरक, नीलहरित काई एवं केंचुआ खाद जैसे जैविक उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इससे न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है बल्कि दीर्घकालिक रूप से खेती अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनती है।
कुछ आवेदनों का मौक पर निराकरण
शिविरों में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड तथा एग्रीस्टैक से संबंधित आवेदन भी प्राप्त किए गए। बड़ी संख्या में किसानों ने इन योजनाओं से जुड़ने के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। प्राप्त आवेदनों में से कुछ आवेदनों का निराकरण शिविर स्थल पर ही किया गया, जबकि शेष आवेदनों के त्वरित निराकरण का आश्वासन संबंधित अधिकारियों द्वारा दिया गया। इस पहल से किसानों में प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ।किसान रथ के माध्यम से जागरूकता अभियान और उपलब्धियां
विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा किसान रथ के माध्यम से जिले के सभी विकासखण्डों के चयनित ग्रामों में पहुंचकर किसानों को आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। यह अभियान किसानों को सीधे उनके गांव में जाकर जागरूक करने की एक प्रभावी पहल है।
12 मई तक किसान रथ की 10 टीमों द्वारा जिले के सभी विकासखण्डों के 50 ग्रामों में पहुंचकर कुल 4520 कृषकों को जागरूक एवं प्रोत्साहित किया गया है। इस दौरान किसानों को शासन की कृषि योजनाओं, उन्नत बीजों के उपयोग, आधुनिक खेती की तकनीकों, फसल विविधीकरण, जैविक खेती, जल संरक्षण तथा संतुलित उर्वरक उपयोग के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
किसान रथ के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने, लागत कम कर उत्पादन बढ़ाने तथा कृषि में नवीन तकनीकों को अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है।

