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SC-ST एक्ट लगाने की धमकी देने का आरोप
SC-ST एक्ट लगाने की धमकी देने का आरोप

खाकी पर आरोप : बिल्हा पुलिस पर समझौता कराने के लिए धमकाने और SC-ST एक्ट में फंसाने की साजिश का आरोप

छत्तीसगढ़ के बिल्हा थाना क्षेत्र में दो ग्रामीणों ने कुछ पुलिसकर्मियों पर मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि पहले दर्ज मारपीट के मामले में पुलिस कार्रवाई करने के बजाय उन्हें समझौता करने का दबाव बना रही है और SC-ST एक्ट के तहत झूठा केस दर्ज करने की धमकी दे रही है। पीड़ितों ने कलेक्टर कार्यालय में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 14 May 2026, 07:47 AM · अपडेट: 28 Oct 2026, 06:52 PM
बिलासपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

न्यायधानी के बिल्हा थाना क्षेत्र में पुलिसिया कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्राम मोहतरा निवासी आयुष बरगाह और राजेश बरगाह ने बिल्हा थाने में पदस्थ कुछ पुलिसकर्मियों पर मानसिक प्रताड़ना और डराने-धमकानी का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस उन्हें न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों से समझौता करने के लिए मजबूर कर रही है।

इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ितों ने बुधवार (13 मई 2026) को कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जेल जाना तय है, समझौता कर लो

शिकायत के अनुसार, आयुष और राजेश ने पहले हुई एक मारपीट की घटना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ितों का आरोप है कि इस मामले में कार्रवाई करने के बजाय थाने के तीन पुलिसकर्मी—प्रधान आरक्षक अमर सिंह चंद्रा, मुकेश दिव्या और प्रताप साहू—उन्हें ही डरा रहे हैं।

"पुलिसकर्मी बार-बार घर आकर और थाने बुलाकर यह धमकी दे रहे हैं कि यदि समझौता नहीं किया, तो उन पर SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करवा दिया जाएगा और उनका जेल जाना तय है।" — पीड़ित पक्ष

घर पहुंचकर दी जा रही है धमकी

मामला केवल थाने तक सीमित नहीं है। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि ये पुलिसकर्मी उनके घर तक पहुंच रहे हैं और पुराने विवादों का हवाला देकर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बातचीत के दौरान जातिगत टिप्पणियों और संदर्भों का उपयोग कर परिवार को मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की जा रही है, जिससे पूरा परिवार दहशत में है।

कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग

कलेक्टर कार्यालय पहुंचे पीड़ितों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि:

  • बिल्हा थाने के संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच शुरू की जाए।

  • पीड़ित परिवार को मिल रही धमकियों पर रोक लगाई जाए।

  • मूल मारपीट के मामले में निष्पक्ष विवेचना कर दोषियों को सजा दी जाए।


बिलासपुर पुलिस के लिए चुनौती: अब देखना यह होगा कि इस गंभीर शिकायत के बाद जिला पुलिस प्रशासन अपने ही विभाग के कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई करता है, ताकि आम जनता का खाकी पर भरोसा बना रहे।

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