मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन के चाक-चौबंद दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में रंगदारी (extortion) न देने पर बाइक सवार बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान के सामने ताबड़तोड़ फायरिंग कर सनसनी फैला दी। महज 3 सेकेंड के भीतर लगातार 3 राउंड गोलियां चलाकर बदमाश जान से मारने की धमकी देते हुए रफूचक्कर हो गए।
इस दुस्साहसिक वारदात का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिसिया गश्त और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
5 लाख की मांग और 'जीने न देने' की धमकी
यह पूरी सनसनीखेज वारदात पिपरिया के मुख्य बाजार की है, जहां सचिन जायसवाल की इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की एक बड़ी दुकान है। पीड़ित व्यापारी सचिन के मुताबिक, कुख्यात रज्जु पूर्वीया गैंग पिछले कुछ दिनों से उन्हें लगातार परेशान कर रहा था।
रंगदारी की मांग: गैंग के गुर्गों ने सचिन से ₹5 लाख की रंगदारी (प्रोटेक्शन मनी) मांगी थी।
धमकी के बोल: जब सचिन ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो बदमाशों ने उन्हें सीधे शब्दों में धमकी दी—"न तो दुकान चलाने देंगे और न ही जिंदा जीने देंगे।"
पुलिस शिकायत से भड़के बदमाश: बदमाशों के खौफ के आगे झुकने के बजाय सचिन ने हिम्मत दिखाई और मामले की लिखित शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी। इसी बात से बौखलाए बदमाशों ने शनिवार को सचिन को डराने और बाजार में अपनी दहशत कायम करने के लिए दुकान के सामने खुलेआम फायरिंग कर दी। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस फायरिंग में कोई हताहत नहीं हुआ।
बाजार बंद कर निकाला विरोध जुलूस
इस सरेराह गोलीबारी के बाद पिपरिया के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में भारी दहशत के साथ-साथ पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश है। कानून-व्यवस्था से नाराज व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
बाजार पूरी तरह बंद: वारदात के विरोध में शनिवार को पिपरिया के व्यापारियों ने अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं और व्यापार ठप कर दिया।
प्रशासन को अल्टीमेटम: डरे और आक्रोशित व्यापारियों ने पुलिस व्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर उतरकर एक विशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शन करते हुए व्यापारियों ने प्रदेश के गृहमंत्री, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) को सौंपा, जिसमें बदमाशों की तत्काल गिरफ्तारी और व्यापारियों को सुरक्षा देने की मांग की गई है।
पुलिस की कार्रवाई, एक शातिर बदमाश हिरासत में
व्यापारियों के भारी आक्रोश और बाजार बंद के दबाव के बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है। पुलिस का दावा है कि बदमाशों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
"हमने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में शामिल मोहित कुमार यादव नाम के एक मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है। मोहित का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड (criminal history) रहा है। रज्जु पूर्वीया गैंग के अन्य सदस्यों और वारदात में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।" — गिरीश त्रिपाठी, थाना प्रभारी (TI), पिपरिया
सवाल अब भी बरकरार: जब व्यापारी ने पहले ही धमकी की शिकायत पुलिस से कर दी थी, तो पुलिस ने समय रहते सुरक्षा क्यों नहीं बढ़ाई? क्या पुलिस की इस ढिलाई के बाद अब पिपरिया के व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस कर पाएंगे?

