कल्पना कीजिए कि आप एक आलीशान ट्रेन के भीतर अपनी पसंदीदा गुजराती थाली का आनंद ले रहे हैं। आपकी नजर अचानक खिड़की के बाहर जाती है और आप देखते हैं कि जंगल का राजा 'एशियाई शेर' आपसे महज कुछ फीट की दूरी पर शान से टहल रहा है। यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि जल्द ही हकीकत बनने जा रहा है। गुजरात के विश्व प्रसिद्ध गिर नेशनल पार्क में पर्यटकों के लिए एक बेहद रोमांचक 'ट्रेन सफारी' की शुरुआत होने वाली है।
विस्टाडोम कोच: 360-डिग्री व्यू के साथ प्रकृति का अनुभव
भावनगर रेलवे डिवीजन ने गिर के जंगलों के बीच से गुजरने वाले पुराने मीटर गेज ट्रैक को एक नया और आधुनिक रूप देने का फैसला किया है। इस सफारी की सबसे बड़ी खासियत इसके 'विस्टाडोम' (Vistadome) कोच होंगे। इन खास कोचों की छतें और खिड़कियां पूरी तरह कांच की बनी होती हैं, जिससे सैलानियों को पूरे जंगल का मनोरम दृश्य दिखाई देगा।
इतना ही नहीं, इन डिब्बों में लगी सीटें 360-डिग्री तक घूम सकती हैं। यानी शेर चाहे दाईं ओर दिखे या बाईं ओर, आपको अपनी जगह से उठने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बस सीट घुमाइए और राजसी नजारे का लुत्फ उठाइए।
इन खास रूटों पर दौड़ेगी 'सफारी एक्सप्रेस'
इस अनूठी ट्रेन सेवा का मुख्य केंद्र 'सासन गिर' होगा। रेलवे ने इसके लिए दो प्रमुख रूटों का चयन किया है:
जूनागढ़ से देलवाड़ा
तालाला से कांसियानेश
भावनगर के डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) दिनेश वर्मा के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का ब्लू प्रिंट तैयार है और उच्च स्तर से अंतिम मंजूरी मिलते ही इसका परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।
पुरानी विरासत और आधुनिकता का संगम
जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने के लिए रेलवे को पुरानी मीटर गेज लाइन को 'ब्रॉड गेज' (बड़ी लाइन) में बदलने की अनुमति नहीं मिली थी। इसी चुनौती को रेलवे ने एक अवसर में बदल दिया। पुरानी लाइनों को बरकरार रखते हुए उन पर हेरिटेज और लग्जरी सफारी चलाने का फैसला लिया गया।
इस परियोजना के तहत गिर के 5 ऐतिहासिक स्टेशनों का कायाकल्प भी किया जाएगा:
सासन गिर
सावनी
तालाला जंक्शन
कांसियानेश
विसावदर
इन स्टेशनों को 'हेरिटेज लुक' दिया जाएगा, जिससे पर्यटकों को इतिहास और संस्कृति की झलक मिलेगी। साथ ही, यहां यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक एसी वेटिंग रूम और अन्य वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
निष्कर्ष: यह पहल न केवल गुजरात में पर्यटन को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी, बल्कि प्रकृति प्रेमियों को वन्यजीवों के करीब जाने का एक सुरक्षित और विलासी जरिया भी प्रदान करेगी। जल्द ही गिर का जंगल अपनी दहाड़ के साथ-साथ ट्रेन की पटरियों की खनक के लिए भी जाना जाएगा।
