Friday, 30 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
Crime News: तीन आदतन बदमाश जिलाबदर, हत्या-चोरी समेत 29 अपराधों में नाम Mhow Ganja Farming: अरहर के खेत में छिपकर उगाई जा रही थी गांजे की फसल, 3 लाख के पौधे जब्त, एक गिरफ्तार UP Food Safety Raid: मिठास में जहर, यूपी में छापेमारी के दौरान दुकानों पर मिले चूहे और भारी गंदगी, 229 को नोटिस ED EOW Raid:  रायपुर समेत कई जिलों में एक साथ छापेमारी Bastar Zila Panchayat: VB-G RAM G योजना में लापरवाही पर कार्रवाई, 2 तकनीकी सहायकों ने दिया इस्तीफा Simga Bus Truck Accident: सड़क सुरक्षा की खुली पोल, सिमगा के पास बस-ट्रक भिड़ंत में 5 की मौत Crime News: तीन आदतन बदमाश जिलाबदर, हत्या-चोरी समेत 29 अपराधों में नाम Mhow Ganja Farming: अरहर के खेत में छिपकर उगाई जा रही थी गांजे की फसल, 3 लाख के पौधे जब्त, एक गिरफ्तार UP Food Safety Raid: मिठास में जहर, यूपी में छापेमारी के दौरान दुकानों पर मिले चूहे और भारी गंदगी, 229 को नोटिस ED EOW Raid:  रायपुर समेत कई जिलों में एक साथ छापेमारी Bastar Zila Panchayat: VB-G RAM G योजना में लापरवाही पर कार्रवाई, 2 तकनीकी सहायकों ने दिया इस्तीफा Simga Bus Truck Accident: सड़क सुरक्षा की खुली पोल, सिमगा के पास बस-ट्रक भिड़ंत में 5 की मौत
W 𝕏 f
होम › यात्रा › छत्तीसगढ़ का गौरव : बारनवापारा में काले हिरणों की…
बारनवापारा में काला हिरण
बारनवापारा में काला हिरण
यात्रा

छत्तीसगढ़ का गौरव : बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी को मिली राष्ट्रीय पहचान

छत्तीसगढ़ के बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में काले हिरणों (ब्लैकबक) के सफल पुनर्स्थापन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सराहा गया, जिससे राज्य के संरक्षण प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिली। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और आवास क्षरण के कारण यहां से काले हिरण लगभग विलुप्त हो गए थे, लेकिन 2018 में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति के बाद पुनर्स्थापन योजना शुरू की गई। वैज्ञानिक प्रबंधन, बेहतर आवास व्यवस्था, पशु चिकित्सा देखभाल और निरंतर निगरानी के कारण इनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंच गई है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 27 Apr 2026, 11:21 AM · अपडेट: 29 Oct 2026, 03:17 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के आज के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण के संरक्षण प्रयासों का उल्लेख करते हुए  सराहना की। इसने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को सुदृढ़ किया है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का मनोबल भी बढ़ाया है। इस उल्लेख से राज्य की पर्यावरणीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आई हैं और बारनवापारा अभयारण्य को नई पहचान मिली है। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में 'मन की बात' कार्यक्रम की 133वी कड़ी के श्रवण के बाद यह बात कही। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उभरा है।

खुले मैदानों में काले हिरणों मौजूदगी

एक समय ऐसा था जब यह अभयारण्य अपने प्रमुख वन्यजीव - काले हिरण - से लगभग खाली हो चुका था। लेकिन अब यही क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों (ब्लैकबक) का सुरक्षित आवास बन गया है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी का परिणाम है।
बारनवापारा के खुले घास के मैदानों में काले हिरणों (Antilope cervicapra) की सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि लंबे समय बाद भी किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक परिवेश में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। जो क्षेत्र कभी सूना हो गया था, वह अब पुनर्जीवन की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहा है।

पांच दशकों रहे विलुप्त 

छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि तक पहुंचने की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण रही है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे और करीब पांच दशकों तक यहां स्थानीय रूप से विलुप्त रहे।
अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक में पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके बाद एक सुविचारित योजना के तहत काले हिरणों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंची और इस सफलता को रविवार को प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उल्लेखित किया गया।

प्रबंधन प्रणाली में सुधार

संरक्षण के शुरुआती चरण में कई चुनौतियां सामने आईं। वन अधिकारियों के अनुसार, निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हुई, जिसके बाद प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए गए। बाड़ों में मजबूत सतह के लिए रेत की परत बिछाई गई, जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई, अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया गया और एक समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई।

नए परिवेश

इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप काले हिरणों की आबादी पहले स्थिर हुई और फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बेहतर पोषण, नियमित निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण आज इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंच चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि ये अपने नए परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलित हो चुके हैं और भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।

काले हिरण के बारे में:

काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें