Wayanad Tourist Places: पहाड़, झरने और हरियाली… वायनाड की ये 5 जगहों जो आपकी ट्रिप को बना देंगी यादगार
Wayanad Tourist Places: केरल का वायनाड अपनी हरी-भरी पहाड़ियों, चाय-कॉफी के बागानों, झरनों और ऐतिहासिक गुफाओं के लिए मशहूर है। यहां बाणासुर सागर बांध, एडक्कल गुफाएं, चेंब्रा पीक, सूचिप्पारा वॉटरफॉल और कुरुवा द्वीप प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। जानिए वायनाड की इन 5 खूबसूरत जगहों की खासियत और यहां घूमने जाने का सही समय।
प्रकाशित: 28 Oct 2026, 01:20 PM· 4 मिनट पढ़ने का समय
वायनाड
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Wayanad Tourist Places: अगर आप भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत, हरी-भरी और सुकून भरी जगह की तलाश में हैं, तो केरल की गोद में बसा वायनाड (Wayanad) आपके लिए सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन है। चारों तरफ फैले चाय और कॉफी के बागान, बादलों से ढकी पहाड़ियां, कल-कल करती नदियां और प्राचीन गुफाएं इस जगह को किसी परीलोक जैसा बनाती हैं।
अगर आप आने वाले दिनों में केरल घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो वायनाड की इन 5 खूबसूरत जगहों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें:
बाणासुर सागर बांध–भारत का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध
वायनाड आएं और बाणासुर सागर डैम न जाएं, ऐसा हो ही नहीं सकता। यह भारत का सबसे बड़ा और एशिया का दूसरा सबसे बड़ा मिट्टी का बांध (Earth Dam) है।
खासियत: नीले पानी के बीच छोटे-छोटे हरे-भरे टापू इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। यहां आप बोटिंग का लुत्फ उठा सकते हैं और ट्रैकिंग के शौकीन लोगों के लिए बाणासुर पहाड़ी की चढ़ाई एक रोमांचक अनुभव है।
एडक्कल गुफाएं–इतिहास के पन्नों में एक झांक
इतिहास और रोमांच प्रेमियों के लिए यह जगह किसी खजाने से कम नहीं है। अंबुकुथी माला की पहाड़ियों पर स्थित इन गुफाओं में जाने के लिए आपको थोड़ा पैदल चलना पड़ता है, लेकिन यहां पहुंचने के बाद की मेहनत वसूल हो जाती है।
खाशियत: इन गुफाओं की दीवारों पर प्रागैतिहासिक काल (Stone Age) के चित्र और नक्काशी उकेरी गई हैं, जो सदियों पुराने इतिहास की कहानी बयां करती हैं। यहां से आसपास की घाटियों का नजारा बेहद मनमोहक दिखता है।
चेंब्रा पीक और हार्ट शेक लेक–प्रेम और प्रकृति का संगम
अगर आपको बादलों के ऊपर चलने का अहसास करना है, तो चेंब्रा पीक वायनाड की सबसे ऊंची चोटी है। यहाँ की चढ़ाई प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन ट्रेकिंग ट्रिप साबित होती है।
खासियत: इस रास्ते में एक प्राकृतिक झील है जो बिल्कुल दिल (Heart Shape) के आकार की है। कहा जाता है कि यह झील कभी सूखती नहीं है। यहां का शांत वातावरण और धुंधभरी वादियां पर्यटकों का मन मोह लेती हैं।
सूचिप्पारा वॉटरफॉल–कुदरत का अद्भुत सौंदर्य
तीन चरणों में बहने वाला यह झरना (इसे सेंटिनल रॉक वॉटरफॉल भी कहते हैं) अपनी खूबसूरती और रोमांच के लिए जाना जाता है। घने जंगलों के बीच से गुजरते हुए जब आप इस झरने तक पहुंचते हैं, तो ठंडी हवा और पानी की बौछार सारी थकान मिटा देती है।
खासियत: यहां पानी में पैर डुबोकर बैठना और आसपास के झरनों की कल-कल आवाज सुनना रूह को सुकून देता है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह एक परफेक्ट स्पॉट है।
कुरुवा द्वीप–प्रकृति की गोद में एक शांत टापू
काबिनी नदी के बीचों-बीच फैला यह 950 एकड़ में बसा एक जनशून्य और बेहद शांत द्वीप (Island) है। यह कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों, ऑर्किड फूलों और औषधीय पौधों का घर है।
खासियत: यहां आने के लिए आपको बांस से बनी नाव (Bamboo Rafting) का सहारा लेना पड़ता है। घने पेड़ों के बीच से छनकर आती सूरज की किरणें और नदी का बहता पानी यहां एक अलग ही जादुई माहौल बनाते हैं।
यात्रा से जुड़ी काम की बातें:
जाने का सबसे सही समय: अक्टूबर से मई के बीच का समय वायनाड घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहाना रहता है।
कैसे पहुंचें: वायनाड का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट कोझिकोड (कालीकट) है, जो यहां से करीब 85 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा सड़क मार्ग से भी यह केरल और कर्नाटक के प्रमुख शहरों से बेहतरीन तरीके से जुड़ा हुआ है।