Mhow Ganja Farming: अरहर के खेत में छिपकर उगाई जा रही थी गांजे की फसल, 3 लाख के पौधे जब्त, एक गिरफ्तार
Mhow Ganja Farming: मध्य प्रदेश के महू में बड़गोंदा पुलिस ने अवैध गांजे की खेती का खुलासा किया है। ग्राम नाहरखोह के पहाड़ी इलाके में अरहर की फसल के बीच उगाए जा रहे 210 गांजे के पौधे जब्त किए गए। इनका कुल वजन 67 किलो 400 ग्राम और अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने खेत मालिक मदन गिरवाल को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
Mhow Ganja Farming: मध्य प्रदेश के महू इलाके में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बड़गोंदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाके में पुलिस ने एक ऐसे खेत का पर्दाफाश किया है, जहां अरहर की फसल की आड़ में छिपकर गांजे के
पौधे उगाए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से 210 हरे गांजे के पौधे जब्त किए हैं, जिनका कुल वजन 67 किलो 400 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये आंकी गई है।
एक किलोमीटर पैदल चलकर खेत तक पहुँची पुलिस
कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि गुरुवार को ग्राम नाहरखोह (तेलनबर्डी) के पहाड़ी इलाके में स्थित इस खेत तक पहुंचना आसान नहीं था। खेत दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण पुलिस टीम को करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। मुखबिर से मिली खास सूचना के आधार पर थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले के नेतृत्व में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर खेत की सघन तलाशी ली। इस दौरान अरहर की फसल के बीच बड़ी चालाकी से उगाए गए गांजे के पौधों की पहचान की गई और उन्हें सुरक्षित रूप से जब्त कर लिया गया।
आरोपी के पास नहीं था कोई लाइसेंस
पुलिस ने मौके से खेत के मालिक और अवैध खेती के आरोपी मदन (41) पुत्र बालूसिंह गिरवाल को दबोच लिया है। पूछताछ में सामने आया कि
आरोपी के पास गांजे की खेती करने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
भोपाल मुख्यालय के निर्देश पर चल रहा है विशेष अभियान
गौरतलब है कि पुलिस मुख्यालय भोपाल की नारकोटिक्स शाखा के सख्त निर्देशों के बाद से प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बड़गोंदा पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है। इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में थाना प्रभारी के साथ-साथ सहायक उप निरीक्षक मिथुन ओसारी और जगदीश डावर समेत अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
आज नारकोटिक्स कार्यालय का घेराव करेंगे किसान
केंद्र सरकार की नई अफीम नीति को लेकर नीमच के किसानों का असंतोष अब सड़क पर उतर आया है। नीतियों में किए गए बदलावों से नाराज किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। किसान नेता राजकुमार अहीर के आह्वान पर आज (30 अक्टूबर) नीमच में बड़े पैमाने पर किसान एकजुट होने जा रहे हैं।
क्या हैं किसानों की मुख्य नाराजगी की वजहें?
किसान नेताओं का कहना है कि नई अफीम नीति ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुख्य आपत्तियां निम्नलिखित हैं:
मार्फिन की मात्रा में बदलाव: नीति में मार्फिन की निर्धारित मात्रा को 4.2 से बढ़ाकर 4.4 कर दिया गया है, जिसके चलते कई किसानों के चीरे वाले पट्टे प्रभावित हुए हैं।
सीपीएस पद्धति के नियम: सीपीएस पद्धति के तहत 90 किलो से अधिक औसत डोडा देने वाले किसानों को भी केवल पांच आरी के पट्टे दिए जाने से किसानों में भारी रोष है।
पुराने पट्टों की बहाली पर निराशा: किसानों को उम्मीद थी कि सरकार वर्ष 1997-98 के पुराने पट्टों को बहाल करेगी, लेकिन नई नीति में इस संबंध में किसी भी तरह की राहत नहीं दी गई है।
आंबेडकर सर्कल से निकलेगा मार्च
नाराज किसानों की इन तमाम मांगों और समस्याओं को लेकर आज सुबह 11:30 बजे नीमच के आंबेडकर सर्कल (मेसी चौराहा) पर किसानों का भारी जमावड़ा शुरू हो चुका है। यहाँ से सभी किसान एक विरोध मार्च निकालते हुए सीधे नारकोटिक्स कार्यालय पहुँचेंगे और उप नारकोटिक्स आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर नीति में संशोधन की मांग करेंगे।