छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में सामने आए चर्चित अवैध अफीम खेती मामले में पुलिस ने जांच को महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुंचा दिया है। जेवरा सिरसा थाना पुलिस ने करीब 143 दिन की विस्तृत जांच के बाद इस मामले में 939 पन्नों का आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया है। पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जबकि दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
जांच में सामने आया कि करीब 5.609 एकड़ कृषि भूमि पर मक्के की फसल की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती की जा रही थी। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विकास विश्नोई, विनायक ताम्रकार, मनीष ठाकुर समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं फरार आरोपी अचला राम और श्रवण विश्नोई की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 3-3 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
14 लाख से ज्यादा अफीम के पौधे मिले
जांच के दौरान पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने खेत से 66.33 किलोग्राम अफीम डोडा जब्त किया। इसके अलावा मौके से ट्रैक्टर, जेसीबी, हार्वेस्टर, स्प्रिंकलर सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे सहित खेती में उपयोग किए जा रहे कई उपकरण भी बरामद किए गए। एफएसएल और पुलिस की संयुक्त जांच में खेत में करीब 14 लाख 30 हजार अफीम के पौधे पाए गए। इन पौधों का अनुमानित कुल वजन लगभग 62 हजार किलोग्राम बताया गया है, जिससे यह मामला प्रदेश के बड़े अवैध अफीम खेती मामलों में शामिल हो गया है।79 लोगों के गवाहों के आधार पर आरोप पत्र तैयार किया
मामले को अदालत में मजबूती से प्रस्तुत करने के लिए पुलिस ने व्यापक साक्ष्य जुटाए हैं। चार्जशीट में पुलिस अधिकारियों, जवानों और फॉरेंसिक वैज्ञानिकों सहित कुल 79 लोगों को गवाह बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को आरोप पत्र में शामिल किया गया है, ताकि मामले की प्रभावी पैरवी की जा सके।