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Accused arrested in cyber fraud case (Image Source: Keertiman Media)
Accused arrested in cyber fraud case (Image Source: Keertiman Media)
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Cyber Crime: फाइनेंशियल नेटवर्क पर वार, दुर्ग पुलिस ने पकड़े 3162 संदिग्ध खाते, 257 आरोपी गिरफ्तार

Cyber Crime: ऑनलाइन सट्टे से जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच में 3,162 म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनमें से 1,668 खातों पर 63 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने अब तक 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 2.75 करोड़ रुपए से अधिक की संदिग्ध राशि पर रोक लगाई है। वहीं, 916 खातों की जांच अभी जारी है।

कीर्तिमान डेस्क | यशोदा साहू
18 Sep 2026, 12:53 PM
दुर्ग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Cyber Crime: ऑनलाइन सट्टे से जुड़े मामलों में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वित्तीय नेटवर्क पर शिकंजा कसा है। पुलिस की जांच में अब तक 3,162 म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनका इस्तेमाल अवैध लेन-देन के लिए किया गया था। इनमें से 1,668 खातों के खिलाफ 63 FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
पुलिस के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आए बैंक खातों से जुड़े लेन-देन, KYC दस्तावेज, मोबाइल नंबर, UPI ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।

म्यूल खातों के जरिए हो रहा था पैसों का लेन-देन

पुलिस जांच में सामने आया है कि साइबर ठग और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े लोग कई बार आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल पैसों के लेन-देन के लिए करते हैं। ऐसे खातों को म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है। इन खातों में ठगी या अवैध गतिविधियों से प्राप्त राशि जमा कर उसे आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि संबंधित बैंक खातों का संचालन कौन कर रहा था और इनसे जुड़े पैसों का अंतिम इस्तेमाल कहां हुआ। दुर्ग पुलिस ने म्यूल खातों की पहचान के लिए बैंकिंग रिकॉर्ड, KYC जानकारी, UPI ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया है। जांच के दौरान बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, ATM कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल फोन, SIM कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी जांच में शामिल किया गया है। इन साक्ष्यों के आधार पर खातों के नेटवर्क और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।

1,668 खातों पर कार्रवाई, 916 खाते जांच के दायरे में

पुलिस के मुताबिक, 3,162 चिन्हित म्यूल खातों में से 578 खातों का सत्यापन और इस्तगासा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं 916 खाते अभी जांच के दायरे में हैं। इन खातों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और डिजिटल गतिविधियों की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े मामलों में पुलिस ने अब तक 2 करोड़ 75 लाख 50 हजार 91 रुपए की विवादित राशि पर होल्ड लगाया है। इसका उद्देश्य संदिग्ध रकम को आगे ट्रांसफर होने या निकासी से रोकना है।

कमीशन का लालच देकर लिए जाते हैं बैंक खाते

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी कई बार लोगों को आसान कमाई या कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए तैयार करते हैं। बाद में इन खातों का इस्तेमाल ठगी और अवैध गतिविधियों से मिली रकम को छिपाने या ट्रांसफर करने में किया जाता है। कुछ मामलों में खाताधारक खुद खाते उपलब्ध कराते हैं, जबकि कई मामलों में बैंकिंग गतिविधियों को कोई अन्य व्यक्ति संचालित करता है। दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, UPI या बैंकिंग जानकारी उपलब्ध न कराएं। ऐसे मामलों में खाताधारक भी कानूनी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
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