Tuesday, 03 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
Cattle Smuggling: ओडिशा ले जाए जा रहे थे 6 गौवंश, पुलिस ने 19 वर्षीय युवक को पकड़ा CG Rajyotsav: रायपुर से नवा रायपुर तक अमित शाह का दौरा, राज्योत्सव में होंगे शामिल केंद्रीय गृह मंत्री CG News: जायसवाल निको प्लांट में श्रमिक की मौत, परिजनों ने किया प्रदर्शन Road Accident: महिला की मौत के बाद भड़का था आक्रोश, तहसीलदार पर गिरी निलंबन की गाज Crime News: ऐप से चल रहा था ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, दो गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार Raipur News: मातृशिशु अस्पताल के वार्ड में दिखे 4-5 चूहे, संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका Cattle Smuggling: ओडिशा ले जाए जा रहे थे 6 गौवंश, पुलिस ने 19 वर्षीय युवक को पकड़ा CG Rajyotsav: रायपुर से नवा रायपुर तक अमित शाह का दौरा, राज्योत्सव में होंगे शामिल केंद्रीय गृह मंत्री CG News: जायसवाल निको प्लांट में श्रमिक की मौत, परिजनों ने किया प्रदर्शन Road Accident: महिला की मौत के बाद भड़का था आक्रोश, तहसीलदार पर गिरी निलंबन की गाज Crime News: ऐप से चल रहा था ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, दो गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार Raipur News: मातृशिशु अस्पताल के वार्ड में दिखे 4-5 चूहे, संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका
W 𝕏 f
होम › सेहत › CG Health Department: कैंसर को लेकर सरकार सख्त, अ…
Initiative by the Chhattisgarh Health Department(Image Source: AI Photo)
Initiative by the Chhattisgarh Health Department(Image Source: AI Photo)
सेहत

CG Health Department: कैंसर को लेकर सरकार सख्त, अब हर मरीज का रिकॉर्ड होगा दर्ज

CG Health Department: छत्तीसगढ़ सरकार ने बढ़ते कैंसर मामलों को देखते हुए इसे नोटिफाइड डिजीज घोषित कर दिया है। अब सभी सरकारी-निजी अस्पतालों, लैब और स्वास्थ्य संस्थानों को कैंसर के हर पुष्ट या संदिग्ध मामले की जानकारी तय समय में सरकार को देनी होगी। नई व्यवस्था से कैंसर का सटीक डेटा तैयार होगा, जिससे रोकथाम, इलाज और स्वास्थ्य योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

य
प्रकाशित: 18 Sep 2026, 12:04 PM · अपडेट: 29 Oct 2026, 08:57 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
CG Health Department: छत्तीसगढ़ में बढ़ते कैंसर के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब कैंसर को नोटिफाइड डिजीज (अधिसूचित बीमारी) की श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। इसके तहत प्रदेश में सामने आने वाले हर कैंसर केस की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देना अनिवार्य होगा।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज, पैथोलॉजी लैब, रेडियोलॉजी सेंटर, डायग्नोस्टिक सेंटर और कैंसर उपचार से जुड़े अन्य संस्थानों को कैंसर के सभी पुष्ट और संदिग्ध मामलों की जानकारी सरकार को उपलब्ध करानी होगी।

कैंसर की पुष्टि के बाद एक महीने में देनी होगी रिपोर्ट

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के अनुसार, किसी मरीज में कैंसर की पुष्टि होने के बाद संबंधित संस्थान को तय प्रक्रिया के तहत इसकी सूचना एक महीने के भीतर देनी होगी। यदि किसी मरीज में कैंसर के लक्षण या संदेह सामने आता है, तो डॉक्टर उसे जरूरी जांच के लिए भेजेंगे। जांच में बीमारी की पुष्टि होने के बाद पैथोलॉजिस्ट को निर्धारित कैंसर नोटिफिकेशन फॉर्म भरकर इसकी जानकारी संबंधित विभाग को भेजनी होगी। सरकार के मुताबिक, अब तक प्रदेश में कैंसर के मामलों की जानकारी मुख्य रूप से कैंसर रजिस्ट्री के माध्यम से जुटाई जाती थी, जिसमें संस्थानों की भागीदारी स्वैच्छिक थी। इसके कारण कई मामले रिकॉर्ड में शामिल नहीं हो पाते थे। नई व्यवस्था के बाद कैंसर के सभी मामलों का डेटा एक केंद्रीय पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इससे प्रदेश में कैंसर की वास्तविक स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकेगा और मरीजों के इलाज व स्वास्थ्य योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

कैंसर नियंत्रण की योजनाओं में होगा डेटा का उपयोग

स्वास्थ्य विभाग इस जानकारी का इस्तेमाल कैंसर की रोकथाम और नियंत्रण के लिए रणनीति तैयार करने में करेगा। इसके अलावा कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार, रिसर्च और प्रशिक्षण केंद्रों की योजना बनाने में भी यह डेटा मददगार साबित होगा। इससे राज्य में कैंसर के मामलों की संख्या, बीमारी के प्रकार, इसके फैलाव और इससे होने वाले प्रभावों की लगातार निगरानी की जा सकेगी। साथ ही कैंसर स्क्रीनिंग और इलाज से जुड़ी सरकारी योजनाओं की समीक्षा भी बेहतर तरीके से हो पाएगी।

26 जिलों में संचालित हैं डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 3 सरकारी कैंसर अस्पताल और 2 सरकारी रेडियोथेरेपी यूनिट संचालित हैं। इसके अलावा 26 जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटर की सुविधा उपलब्ध है। पांच अन्य जिलों में भी ऐसे सेंटर शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वास्थ्य केंद्रों में कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए स्क्रीनिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि बीमारी का समय पर पता लगाकर इलाज शुरू किया जा सके। कैंसर रिपोर्टिंग की नई व्यवस्था राज्य और केंद्र सरकार के अस्पतालों, निजी अस्पतालों, डिस्पेंसरी, मेडिकल कॉलेजों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों पर लागू होगी। इसके अलावा पैथोलॉजी, हेमेटोलॉजी लैब, इमेजिंग सेंटर, डायग्नोस्टिक सेंटर और कैंसर देखभाल से जुड़े एनजीओ को भी कैंसर मामलों की जानकारी तय समय सीमा में उपलब्ध करानी होगी।

ढाई साल में सामने आए 17,611 कैंसर मरीज

प्रदेश में कैंसर के बढ़ते मामलों का अंदाजा स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 1 अप्रैल 2024 से जून 2026 के बीच छत्तीसगढ़ में कैंसर के 17,611 मामले दर्ज किए गए हैं।
इनमें:
  • 4,465 मामले मुख कैंसर के
  • 210 गले के कैंसर के
  • 252 जीभ के कैंसर के
  • 1,038 फेफड़ों के कैंसर के
  • 2,633 स्तन कैंसर के
  • 2,200 गर्भाशय कैंसर के
  • 2,560 पेट के कैंसर के मामले शामिल हैं।
इसके अलावा अन्य प्रकार के कैंसर के 4,253 मामले भी सामने आए हैं।
नई व्यवस्था के लागू होने से सरकार को प्रदेश में कैंसर की स्थिति की सटीक जानकारी मिल सकेगी, जिससे बीमारी की रोकथाम और बेहतर उपचार व्यवस्था तैयार करने में मदद मिलेगी।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें