Baby Burn Treatment: बच्चों की त्वचा बड़ों के मुकाबले बेहद नाजुक होती है। ऐसे में गर्म पानी, दूध या किसी गर्म चीज के संपर्क में आने से उनकी त्वचा जल्दी झुलस सकती है। घर में इस तरह की दुर्घटना होने पर माता-पिता अक्सर घबरा जाते हैं और तुरंत राहत देने के लिए बर्फ, घी या टूथपेस्ट जैसे घरेलू उपाय अपनाने लगते हैं। लेकिन जानकारी के अभाव में की गई ऐसी गलतियां बच्चे की परेशानी बढ़ा सकती हैं। बच्चों के जलने पर शुरुआती देखभाल कैसे करनी चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, इस बारे में पीडियाट्रिशियन डॉ. ने जरूरी जानकारी साझा की है।
जलने पर बर्फ, टूथपेस्ट या घी लगाने से बचें
डॉ. के अनुसार बच्चे की त्वचा जलने पर प्रभावित हिस्से में बर्फ, टूथपेस्ट, नारियल तेल या घी नहीं लगाना चाहिए। ये चीजें जलन का सही उपचार नहीं हैं और जख्मी त्वचा को और नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसी स्थिति में सबसे पहले जले हुए हिस्से को सामान्य ठंडे बहते पानी से ठंडा करना चाहिए। इससे त्वचा की गर्मी कम करने में मदद मिलती है।
20 मिनट तक ठंडे बहते पानी से दें राहत
अगर बच्चे के हाथ, पैर या शरीर के किसी हिस्से पर गर्म पानी, दूध या कोई गर्म पदार्थ गिर जाए, तो प्रभावित जगह को तुरंत नल के ठंडे बहते पानी के नीचे करीब 20 मिनट तक रखें। ध्यान रहे कि पानी में बर्फ न मिलाएं और न ही सीधे बर्फ का इस्तेमाल करें। साथ ही बच्चे के शरीर के बाकी हिस्सों को गर्म रखें, ताकि उसे ठंड न लगे।
जली हुई त्वचा से चिपके कपड़े जबरदस्ती न हटाएं
जलने के बाद प्रभावित हिस्से में सूजन आ सकती है। इसलिए वहां पहनी गई अंगूठी, कड़ा या अन्य आभूषण सावधानी से हटा देना चाहिए। हालांकि, अगर कोई कपड़ा जली हुई त्वचा से चिपक गया है, तो उसे खींचकर निकालने की कोशिश न करें। ऐसा करने से त्वचा की ऊपरी परत को और नुकसान पहुंच सकता है। चिपके हुए कपड़े को हटाने का प्रयास करने के बजाय डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।
जले हुए हिस्से को ढकने का सही तरीका जानें
प्रभावित हिस्से को ठंडे पानी से ठंडा करने के बाद साफ और न चिपकने वाली ड्रेसिंग से ढका जा सकता है। इसके लिए प्लास्टिक क्लिंग फिल्म का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसे त्वचा पर कसकर नहीं लपेटना चाहिए। चेहरे पर इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जले हुए हिस्से पर किसी तरह की क्रीम, तेल, घी या घरेलू नुस्खा लगाने से बचें। बच्चे की स्थिति के अनुसार डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।इन स्थितियों में तुरंत अस्पताल ले जाएं बच्चा
हर तरह के बर्न को सामान्य समझकर घर पर इलाज करना सही नहीं है। कुछ स्थितियों में बिना देरी किए मेडिकल सहायता लेनी चाहिए।
- बच्चे के शरीर पर बड़े या गंभीर छाले पड़ गए हों।
- चेहरा, हाथ, पैर या शरीर के किसी जोड़ के आसपास की त्वचा जल गई हो।
- जलने का कारण कोई केमिकल हो।
- जला हुआ हिस्सा गहरा या ज्यादा प्रभावित दिखाई दे।
- बच्चे को तेज दर्द हो या उसकी हालत बिगड़ रही हो।







