Tantrik Fraud: बेटे को घर लौटाने के नाम पर तंत्र-मंत्र का झांसा देकर महिला से 1 करोड़ की ठगी
Tantrik Fraud: भोपाल के साकेत नगर में तंत्र-मंत्र और गृहशांति के नाम पर एक महिला से करीब 1 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि भाई-बहन ने बेटे को वापस परिवार में लाने का झांसा देकर नकदी, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और सोने-चांदी के जेवर ऐंठ लिए। क्राइम ब्रांच ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Tantrik Fraud: राजधानी के साकेत नगर इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ परिवार से अलग रह रहे बेटे को वापस घर लाने और घर में शांति बनाए रखने का झांसा देकर एक महिला से करीब 1 करोड़ रुपये ठग लिए गए। शातिर
ठगों ने तंत्र-मंत्र का जाल बिछाकर महिला से नकदी, बैंक ट्रांजेक्शन और यहाँ तक कि भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर भी ऐंठ लिए। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने भाई-बहन के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र का केस दर्ज कर लिया है।
कैसे बुना गया अंधविश्वास का जाल?
क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार, साकेत नगर में रहने वाले 57 वर्षीय पुरुषोत्तम शर्मा ने इस ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी 55 वर्षीय पत्नी राजेश्वरी शर्मा की पहचान मोहल्ले की ही एक परिचित गौरी सिंह के जरिए आशा यादव नाम की महिला से हुई थी। बातचीत के दौरान आशा ने राजेश्वरी को बताया कि उसका भाई मुकेश यादव तंत्र-मंत्र का ज्ञाता है और घर में
सुख-शांति लाने के लिए पूजा-पाठ करता है। इत्तेफाक से उन दिनों शर्मा दंपती का बेटा उनसे अलग रह रहा था। बेटे के बिछोह से दुखी और उसे किसी तरह वापस परिवार में लाने की उम्मीद में राजेश्वरी, आशा के झांसे में आ गईं। इसके बाद उनका आशा के घर आना-जाना शुरू हो गया।
धीरे-धीरे ऐसे खाली हुआ घर
आरोप है कि 25 मई 2025 से आशा और उसके भाई ने गृहशांति और तंत्र-मंत्र के नाम पर रुपये वसूलना शुरू कर दिया। मां की ममता और बेटे के मोह का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने अलग-अलग तरीकों से बड़ी रकम और कीमती सामान हड़प लिया:
- ऑनलाइन ट्रांसफर: राजेश्वरी ने फोन-पे के जरिए अलग-अलग समय पर कुल 7,16,000 रुपये ट्रांसफर किए।
नकद राशि: इसके अलावा लगभग 12,54,000 रुपये नकद दिए गए।
जेवर: तंत्र-मंत्र के नाम पर करीब 625 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी के जेवरात भी ले लिए गए।
एक फोन कॉल ने खोली पोल
इस सनसनीखेज धोखाधड़ी का खुलासा आखिरकार 29 सितंबर को हुआ, जब बिट्टन मार्केट के एक स्थानीय ज्वेलर ने पुरुषोत्तम शर्मा को फोन किया। ज्वेलर ने बताया कि आशा ने उनकी दुकान से करीब 17 लाख रुपये का सोना खरीदा था, जिसके एवज में 5 लाख रुपये नकद देने के बाद बाकी रकम के लिए जो चेक दिया गया था, वह बाउंस हो गया है। ज्वेलर का फोन आते ही पुरुषोत्तम के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने घर पहुँचकर अपनी पत्नी से कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद इस पूरे काले खेल की परतें एक-एक करके उघड़ गईं।
पुलिस की कार्रवाई
पति की पूछताछ के बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस का दरवाजा खटखटाया। जाँच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में 8 चेक, 6 एटीएम कार्ड और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी सौंपे गए हैं। प्रारंभिक जाँच में आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव की संलिप्तता पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद, क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस आगे की गहराई से जाँच कर रही है।