Food Safety Department: खाद्य सुरक्षा और लोगों की सेहत से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। शहर के प्रसिद्ध सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापेमार कार्रवाई की। जांच के दौरान किचन में खाना बनाने और सब्जियां धोने के लिए बाथरूम के पानी का इस्तेमाल किए जाने का खुलासा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने रेस्टोरेंट को सील कर दिया है। साथ ही उसका लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है।
बाथरूम के पानी से तैयार किया जा रहा था खाना
जानकारी के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम को रेस्टोरेंट में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने अचानक किचन का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों की तैयारी से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं मिलीं। बताया गया कि खाना पकाने और सब्जियां धोने के लिए साफ पानी की जगह बाथरूम के पानी का इस्तेमाल किया जा रहा था।
रेलवे में भी होती थी खाने की सप्लाई
जांच में यह जानकारी भी सामने आई कि सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट में तैयार होने वाला भोजन रेलवे में भी सप्लाई किया जाता था। ऐसे में इस मामले ने यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, रेलवे को की जाने वाली सप्लाई से जुड़े पूरे मामले की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
रेस्टोरेंट सील, लाइसेंस निलंबित
किचन में गंदगी और अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा विभाग ने रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित कर दिया और परिसर को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने पनीर, दाल, चावल सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए।लैब रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
जब्त खाद्य पदार्थों के नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। अब प्रशासन को लैब रिपोर्ट का इंतजार है। जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद शहर के रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।







