Food Safety Department: पनीर में हेयर डाई में इस्तेमाल होने वाले रसायन मिलने की पिछली जांच के बाद भी मिल्की मलाई ब्रांड का पनीर फिर गुणवत्ता जांच में अमानक मिला है। कन्हेरा स्थित फैक्ट्री में तैयार मिल्की मलाई ब्रांड का पनीर एक बार फिर गुणवत्ता जांच में निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा है। खाद्य विभाग की प्रयोगशाला रिपोर्ट में पनीर के भीतर दूध की वसा तय सीमा से कम और नमी की मात्रा निर्धारित मानक से अधिक पाई गई है।
लगातार सामने आ रही गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ियों ने खाद्य सुरक्षा जांच और संबंधित उत्पाद पर विभागीय कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खाद्य विभाग की ताजा जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पनीर में शुष्क पदार्थ के आधार पर दूध की वसा 47.86 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि मानक के अनुसार यह कम से कम 50 प्रतिशत होनी चाहिए। वही पनीर की नमी की मात्रा 66.29 प्रतिशत पाई गई, जबकि इसकी अधिकतम सीमा 60 प्रतिशत है। इन दोनों कमियों के आधार पर प्रयोगशाला ने नमूने को अमानक घोषित किया है।
पिछली जांच में रसायन मिलने का मामला आया था सामने
मिल्की मलाई ब्रांड के एनालाग पनीर की पिछली जांच में हेयर डाई में इस्तेमाल होने वाले रसायन मिलने की बात सामने आई थी। खाद्य उत्पाद में ऐसे रसायन की पुष्टि होना उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है। हालांकि, मौजूदा नमूने की रिपोर्ट में ऐसे रसायन मिलने का उल्लेख नहीं है। इसलिए पिछली जांच के निष्कर्ष को उसी रिपोर्ट के आधार पर देखा जाना चाहिए।
ताजा रिपोर्ट में क्या मिला?
प्रयोगशाला की रिपोर्ट में पनीर के अलग-अलग मानकों की जांच की गई। इसमें दूध की वसा और नमी की मात्रा निर्धारित सीमा के अनुरूप नहीं मिली।
- दूध की वसा: 47.86 प्रतिशत, जबकि न्यूनतम मानक 50 प्रतिशत है।
- नमी: 66.29 प्रतिशत, जबकि अधिकतम सीमा 60 प्रतिशत है।
- बीआर रीडिंग: 43.9 दर्ज की गई।
- आयोडीन मान: 37.02 दर्ज किया गया।
अभी भी संचालित हो रही है फैक्ट्री
फैक्ट्री का संचालन मुरैना निवासी हिमांशु बंसल द्वारा किया जा रहा है। पिछली जांच में रसायन मिलने के मामले और ताजा नमूना अमानक पाए जाने के बावजूद फैक्ट्री के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जबकि प्रदेश में एनालाग पनीर के निर्माण पर रोक लगी है। अभी भी कन्हेरा फैक्ट्री में पनीर का निर्माण किया जा रहा है। जिसकी सप्लाई प्रदेश व ओडिशा तक किया जा रहा है।







