Karwa Chauth: पति की लंबी उम्र की कामना के लिए मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर चांद देखने के बाद पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलती हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक पत्नी ने इस पर्व से पहले ही अपने पति को जिंदगी का अनमोल तोहफा दे दिया।
पति की गंभीर बीमारी को देखते हुए पत्नी ने अपनी एक किडनी दान कर उसकी जान बचा ली। किडनी ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन सफल होने के बाद पत्नी ने अस्पताल में ही करवाचौथ का व्रत पूरा किया।
पति की जिंदगी बचाने आगे आई पत्नी
पति की जान बचाने के लिए पत्नी ने दान की किडनी जानकारी के मुताबिक, जबलपुर के शांतिनगर निवासी दीपक गुप्ता किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी थी।
परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती उपयुक्त किडनी डोनर की तलाश थी। इसी दौरान जांच में दीपक की पत्नी रश्मि की किडनी उनसे मैच हो गई। इसके बाद रश्मि ने बिना देर किए पति को अपनी एक किडनी दान करने का फैसला लिया।
चांद देखकर पूरा किया करवाचौथ का व्रत
सफल रहा किडनी ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन जबलपुर के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी की। ऑपरेशन सफल रहा और रश्मि की किडनी उनके पति दीपक को प्रत्यारोपित कर दी गई। पति की सलामती और लंबी उम्र की कामना के साथ रश्मि ने अस्पताल में ही करवाचौथ का निर्जला व्रत रखा। ICU में पति को छलनी से देखकर खोला व्रत करवाचौथ की रात रश्मि ने अस्पताल में रहते हुए चांद निकलने का इंतजार किया।
चांद के बाद छलनी से किया पति का दीदार
आसमान में चांद दिखाई देने के बाद उन्होंने दीपक की रोशनी में छलनी से चांद को देखा और फिर ICU में भर्ती अपने पति को निहारा। इसके बाद उन्होंने अपना व्रत पूरा किया। इस तरह रश्मि के लिए इस बार का करवाचौथ बाकी वर्षों से बिल्कुल अलग रहा। जहां आमतौर पर महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं, वहीं रश्मि ने अपनी किडनी देकर पति को नया जीवन देने की मिसाल पेश की।







