Arnabs Fury: धान खरीदी शुरू होने से पहले मौसम की मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बंगाल की खाड़ी से उठे साइक्लोन अर्नब के असर से देवभोग क्षेत्र में खेतों में पानी भर गया है। कई दिनों की मेहनत से तैयार की गई धान की फसल अब बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। हालात ऐसे हैं कि किसान अपनी फसल बचाने के लिए पानी से भरे खेतों में उतरकर एक-एक पौधे को संभालने में जुटे हैं। देवभोग तहसील के सिनापाली, बाड़ीगांव, गिरशुल और झाखरपारा क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में बारिश और तूफान का असर देखने को मिल रहा है। खेतों में पानी भरने से पककर तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। किसानों को आशंका है कि यदि जल्द पानी नहीं निकला तो हजारों एकड़ में लगी फसल खराब हो जाएगी।
धान के पौधों को रस्सी से बांधकर बचाने का प्रयास
सिनापाली गांव से सामने आई तस्वीरें किसानों की मुश्किलों को बयां कर रही हैं। घुटनों तक भरे पानी के बीच किसान खेतों में उतरकर धान के पौधों को दोबारा खड़ा करने में लगे हैं। वहीं कई पौधों को एक साथ बांधा जा रहा है, तो कहीं कपड़े की रस्सी के सहारे उन्हें सहारा दिया जा रहा है। किसानों की कोशिश है कि धान की बालियां पानी में डूबकर सड़ने से बच जाएं।
पानी में डूबी रही फसल तो बढ़ेगा नुकसान
किसान दुर्बल राम, खिरसिंधु और हरिराम के बताया कि इस समय दूध भरने की अवस्था में पहुंच चुकी धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। यदि फसल तीन दिन से अधिक समय तक पानी में डूबी रही तो धान खराब हो सकता है। वहीं, पक चुकी फसल के पौधों में भी सड़न शुरू होने का खतरा है। ऐसे में किसान बालियों को पानी से ऊपर रखने और पौधों को सीधा करने की कोशिश कर रहे हैं।
सब्जी और दलहन की फसलें भी प्रभावित
तूफान का असर सिर्फ धान तक सीमित नहीं है। खेतों और बाड़ियों में पानी भरने से मक्का, सब्जी और दलहन की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कच्चे मकानों को क्षति पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। लगातार खराब मौसम के चलते ग्रामीण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। सब्जी उत्पादकों की परेशानी भी कम नहीं है। बाजार बंद होने से किसान अपनी उपज बेच नहीं पा रहे हैं। पिछले दो दिनों में कई सब्जियों की गुणवत्ता और रंग पर भी असर पड़ने लगा है। नुकसान से बचने के लिए कुछ किसान अपने घरों के सामने ही सब्जियों की दुकान लगाकर बिक्री कर रहे हैं, ताकि कम से कम लागत की रकम वापस मिल सके।
नुकसान के आकलन के लिए प्रशासन करेगा सर्वे
फसल खराब होने की आशंका के बीच किसानों को अब प्रशासनिक मदद का इंतजार है। देवभोग तहसीलदार सुशील कुमार भोई ने बताया कि तूफान के कारण क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल नुकसान होने पर आरबीसी 6-4 के तहत क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। इसके लिए प्रभावित किसानों को विधिवत आवेदन करना होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।







