Friday, 30 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
Tuta Forest: फिल्म सिटी के लिए पेड़ों की कटाई पर गरमाई सियासत, ग्रामीणों का विरोध तेज, स्मृति ईरानी को लिखा पत्र Arnabs Fury: तूफानी हवाओं ने धान के पौधों को गिराया, और असमय बारिश ने फसल को सड़ाया India Japan Defence Deal: भारत में मिसाइल टेस्ट कर सकता है जापान! चीन और पाकिस्तान की बढ़ी धड़कनें, समझिए पूरा खेल Raipur News: राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी सियासी हलचल, छह केंद्रीय मंत्री करेंगे दौरा Crime News: तीन आदतन बदमाश जिलाबदर, हत्या-चोरी समेत 29 अपराधों में नाम Mhow Ganja Farming: अरहर के खेत में छिपकर उगाई जा रही थी गांजे की फसल, 3 लाख के पौधे जब्त, एक गिरफ्तार Tuta Forest: फिल्म सिटी के लिए पेड़ों की कटाई पर गरमाई सियासत, ग्रामीणों का विरोध तेज, स्मृति ईरानी को लिखा पत्र Arnabs Fury: तूफानी हवाओं ने धान के पौधों को गिराया, और असमय बारिश ने फसल को सड़ाया India Japan Defence Deal: भारत में मिसाइल टेस्ट कर सकता है जापान! चीन और पाकिस्तान की बढ़ी धड़कनें, समझिए पूरा खेल Raipur News: राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी सियासी हलचल, छह केंद्रीय मंत्री करेंगे दौरा Crime News: तीन आदतन बदमाश जिलाबदर, हत्या-चोरी समेत 29 अपराधों में नाम Mhow Ganja Farming: अरहर के खेत में छिपकर उगाई जा रही थी गांजे की फसल, 3 लाख के पौधे जब्त, एक गिरफ्तार
W 𝕏 f
होम › गरियाबंद › Arnabs Fury: तूफानी हवाओं ने धान के पौधों को गिरा…
Hundreds of acres of paddy crop destroyed by Cyclone Urban(Image Source: social media)
Hundreds of acres of paddy crop destroyed by Cyclone Urban(Image Source: social media)
🔴 BREAKING गरियाबंद

Arnabs Fury: तूफानी हवाओं ने धान के पौधों को गिराया, और असमय बारिश ने फसल को सड़ाया

Arnabs Fury: गरियाबंद के देवभोग क्षेत्र में 20 से अधिक गांवों की फसल प्रभावित हुई है। खेतों में पानी भरने से धान, मक्का और सब्जियों को नुकसान का खतरा है। प्रशासन ने फसल नुकसान के आकलन के लिए सर्वे कराने की बात कही है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 30 Oct 2026, 12:51 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
गरियाबंद
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Arnabs Fury: धान खरीदी शुरू होने से पहले मौसम की मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बंगाल की खाड़ी से उठे साइक्लोन अर्नब के असर से देवभोग क्षेत्र में खेतों में पानी भर गया है। कई दिनों की मेहनत से तैयार की गई धान की फसल अब बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। हालात ऐसे हैं कि किसान अपनी फसल बचाने के लिए पानी से भरे खेतों में उतरकर एक-एक पौधे को संभालने में जुटे हैं। देवभोग तहसील के सिनापाली, बाड़ीगांव, गिरशुल और झाखरपारा क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में बारिश और तूफान का असर देखने को मिल रहा है। खेतों में पानी भरने से पककर तैयार धान की फसल जमीन पर बिछ गई है। किसानों को आशंका है कि यदि जल्द पानी नहीं निकला तो हजारों एकड़ में लगी फसल खराब हो जाएगी।

धान के पौधों को रस्सी से बांधकर बचाने का प्रयास 

सिनापाली गांव से सामने आई तस्वीरें किसानों की मुश्किलों को बयां कर रही हैं। घुटनों तक भरे पानी के बीच किसान खेतों में उतरकर धान के पौधों को दोबारा खड़ा करने में लगे हैं। वहीं कई पौधों को एक साथ बांधा जा रहा है, तो कहीं कपड़े की रस्सी के सहारे उन्हें सहारा दिया जा रहा है। किसानों की कोशिश है कि धान की बालियां पानी में डूबकर सड़ने से बच जाएं। 

 पानी में डूबी रही फसल तो बढ़ेगा नुकसान

किसान दुर्बल राम, खिरसिंधु और हरिराम के बताया कि इस समय दूध भरने की अवस्था में पहुंच चुकी धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। यदि फसल तीन दिन से अधिक समय तक पानी में डूबी रही तो धान खराब हो सकता है। वहीं, पक चुकी फसल के पौधों में भी सड़न शुरू होने का खतरा है। ऐसे में किसान बालियों को पानी से ऊपर रखने और पौधों को सीधा करने की कोशिश कर रहे हैं। 

सब्जी और दलहन की फसलें भी प्रभावित

तूफान का असर सिर्फ धान तक सीमित नहीं है। खेतों और बाड़ियों में पानी भरने से मक्का, सब्जी और दलहन की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कच्चे मकानों को क्षति पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। लगातार खराब मौसम के चलते ग्रामीण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। सब्जी उत्पादकों की परेशानी भी कम नहीं है। बाजार बंद होने से किसान अपनी उपज बेच नहीं पा रहे हैं। पिछले दो दिनों में कई सब्जियों की गुणवत्ता और रंग पर भी असर पड़ने लगा है। नुकसान से बचने के लिए कुछ किसान अपने घरों के सामने ही सब्जियों की दुकान लगाकर बिक्री कर रहे हैं, ताकि कम से कम लागत की रकम वापस मिल सके।

नुकसान के आकलन के लिए प्रशासन करेगा सर्वे 

फसल खराब होने की आशंका के बीच किसानों को अब प्रशासनिक मदद का इंतजार है। देवभोग तहसीलदार सुशील कुमार भोई ने बताया कि तूफान के कारण क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल नुकसान होने पर आरबीसी 6-4 के तहत क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। इसके लिए प्रभावित किसानों को विधिवत आवेदन करना होगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें