Vitamin D Deficiency: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा मिलना बेहद जरूरी है। इन्हीं में से एक है विटामिन D, जो हड्डियों को मजबूत बनाए रखने और शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में अहम भूमिका निभाता है। शरीर में इसकी कमी होने पर हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी और लगातार थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार लोग इन लक्षणों को सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों की कमजोरी
विटामिन D शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में मदद करता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है। जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी की शिकायत हो सकती है। कुछ लोगों को कमर, पैरों और शरीर के अन्य हिस्सों में भी दर्द महसूस होता है। लंबे समय तक विटामिन D की गंभीर कमी रहने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ सकता है।
पर्याप्त आराम के बाद भी थकान महसूस होना
विटामिन D की कमी की पहचान कैसे करें
विटामिन D की कमी होने पर हर व्यक्ति में स्पष्ट लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। कई लोगों में इसकी कमी होने के बावजूद लंबे समय तक कोई खास परेशानी महसूस नहीं होती। केवल हड्डियों में दर्द या थकान के आधार पर इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर 25-हाइड्रॉक्सी विटामिन D (25-OH Vitamin D) नामक ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं।
विटामिन D की कमी दूर करने के लिए क्या करें?
विटामिन D की कमी सामने आने पर खानपान, सुरक्षित तरीके से धूप लेना और जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट लेना मददगार हो सकता है। मछली, अंडे की जर्दी और विटामिन D से फोर्टिफाइड दूध या अन्य खाद्य पदार्थ इसके कुछ स्रोत हैं। हालांकि, केवल खानपान से कमी पूरी होगी या सप्लीमेंट की जरूरत पड़ेगी, यह व्यक्ति के स्वास्थ्य और विटामिन D के स्तर पर निर्भर करता है।बिना सलाह के सप्लीमेंट लेना पड़ सकता है भारी
विटामिन D शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी जरूरत से ज्यादा मात्रा लेना नुकसानदायक हो सकता है। लंबे समय तक अधिक मात्रा में सप्लीमेंट लेने से शरीर में कैल्शियम का स्तर बढ़ सकता है, जिससे किडनी सहित अन्य अंगों पर प्रतिकूल असर पड़ने का खतरा रहता है।







