Saturday, 24 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
School News: स्कूल बंद मिलने पर तीन शिक्षकों को नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब Chhattisgarh Smart Meter: बिना टेंडर टाटा पावर को काम देने की तैयारी, मीटर ठेके पर बवाल Road Accident: केशकाल में अनियंत्रित बोलेरो पेड़ से भिड़ी, एक जवान की मौत, पांच घायल Leopard News: बिछलादादर में घर की बाड़ी में घुसा तेंदुआ, CCTV में कैद Illegal Drug Sale: 11 मेडिकल स्टोर्स पर NCB की छापेमारी, 4 दुकानों को नोटिस Jamia Millia Islamia University: छात्रसंघ चुनाव की मांग के बीच पोस्टर विवाद, दीवारों पर लिखे विवादित नारे, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद हिरासत में School News: स्कूल बंद मिलने पर तीन शिक्षकों को नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब Chhattisgarh Smart Meter: बिना टेंडर टाटा पावर को काम देने की तैयारी, मीटर ठेके पर बवाल Road Accident: केशकाल में अनियंत्रित बोलेरो पेड़ से भिड़ी, एक जवान की मौत, पांच घायल Leopard News: बिछलादादर में घर की बाड़ी में घुसा तेंदुआ, CCTV में कैद Illegal Drug Sale: 11 मेडिकल स्टोर्स पर NCB की छापेमारी, 4 दुकानों को नोटिस Jamia Millia Islamia University: छात्रसंघ चुनाव की मांग के बीच पोस्टर विवाद, दीवारों पर लिखे विवादित नारे, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद हिरासत में
W 𝕏 f
होम › कांग्रेस › Chhattisgarh Smart Meter: बिना टेंडर टाटा पावर को…
Congress opposes smart meter contract (Image Source: AI Photo)
Congress opposes smart meter contract (Image Source: AI Photo)
🔴 BREAKING कांग्रेस

Chhattisgarh Smart Meter: बिना टेंडर टाटा पावर को काम देने की तैयारी, मीटर ठेके पर बवाल

Chhattisgarh Smart Meter: छत्तीसगढ़ में करीब 4,000 उच्च दाब (HT) औद्योगिक उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर विवाद शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बिना ओपन टेंडर के यह काम टाटा पावर को सौंपने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने पावर कंपनी के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और प्रस्तावित प्रक्रिया रद्द करने की मांग की है। कांग्रेस ने मौजूदा AMR सिस्टम का हवाला देते हुए हितों के टकराव की आशंका जताई है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं माने जाने पर ऊर्जा मंत्री, राज्यपाल और हाई कोर्ट का रुख किया जाएगा।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 24 Oct 2026, 02:44 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Chhattisgarh Smart Meter: छत्तीसगढ़ पावर कंपनी में स्मार्ट मीटर लगाने की कवायद शुरू होते ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश के करीब 4,000 उच्च दाब (एचटी) औद्योगिक उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। कांग्रेस का गंभीर आरोप है कि राज्य की बिजली कंपनी बिना किसी खुली निविदा (ओपन टेंडर) के यह करोड़ों का काम निजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा पावर को सौंपने जा रही है। विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर सरकारी खजाने में सेंध और वित्तीय नियमों की अनदेखी करार दिया है।

पावर कंपनी चेयरमैन को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग 

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कन्हैया अग्रवाल ने इस पूरी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि बिजली कंपनी और राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुँचाने की सोची-समझी योजना बनाई जा रही है। उन्होंने माँग की है कि इस फैसले के पीछे जो भी अधिकारी शामिल हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बैठाई जाए।

15 साल पुरानी चलती व्यवस्था को बंद करने पर सवाल

कांग्रेस नेता ने मौजूदा सिस्टम पर बात करते हुए कहा कि साल 2010 में बाकायदा ओपन टेंडर के जरिए प्रदेश में आटोमैटिक मीटर रीडिंग (AMR) सिस्टम लागू किया गया था।

कांग्रेस ने इस मामले में 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' (हितों के टकराव) का मुद्दा भी ज़ोर-शोर से उठाया है।
कांग्रेस का दावा: टाटा पावर ने 4 दिसंबर 2025 को खुद रायपुर क्षेत्र में बिजली वितरण लाइसेंस (Power Distribution License) के लिए आवेदन किया है। ऐसे में जो कंपनी खुद बाजार में एक प्रतिस्पर्धी के रूप में उतरना चाहती है, उसी को प्रदेश के औद्योगिक उपभोक्ताओं का मीटरिंग और डेटा कंट्रोल सौंपना पूरी तरह से गलत है। इससे कंपनी को अनुचित लाभ मिलेगा और उपभोक्ताओं समेत विद्युत मंडल को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

सड़क से लेकर हाई कोर्ट तक की चेतावनी 

कन्हैया अग्रवाल ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस फैसले को तुरंत वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस शांत नहीं बैठेगी। इस मामले को जल्द ही राज्य के ऊर्जा मंत्री और राज्यपाल के सामने उठाया जाएगा। इसके बावजूद अगर प्रबंधन ने यह मनमाना फैसला रद्द नहीं किया, तो प्रदेश और उपभोक्ताओं के हित में उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें