छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिलों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता अगले दो महीने तक घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं की जानकारी जुटाएंगे। इस जन-आंदोलन की विस्तृत जानकारी देने के लिए आज महासमुंद के जिला कांग्रेस कार्यालय में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई, जिसमें पार्टी ने आगामी रूपरेखा साझा की। कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक बढ़ोतरी हुई है और बिना सहमति पुराने मीटर हटाकर नए मीटर लगाए जा रहे हैं।
घर-घर जाकर लोगों से संवाद
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि अभियान के दौरान कार्यकर्ता घर-घर जाकर आम लोगों से सीधे बातचीत करेंगे। और उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की कथित खामियों और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर जागरूक किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इस अभियान के जरिए बिजली उपभोक्ताओं की वास्तविक समस्याओं को सामने लाया जाएगा और सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाई जाएगी।
उपभोक्ताओं के लिए आवेदन फॉर्म जारी
आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए कांग्रेस ने एक विशेष आवेदन फॉर्म भी जारी किया है। यह आवेदन छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कार्यपालन अभियंता के नाम संबोधित है। इस फॉर्म के जरिए उपभोक्ता बिजली बिल बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। इसमें पुराने और नए मीटर के बिलों की तुलना से संबंधित जानकारी भी मांगी गई है, ताकि समस्याओं का रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
- बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी वापस ली जाए।
- 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना फिर से लागू की जाए।
- स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाए जाएं।
- स्मार्ट मीटर से बढ़े बिलों की जांच कर अतिरिक्त राशि वापस की जाए।
- बिजली वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
सीएम हाउस घेराव की तैयारी
कांग्रेस ने बताया कि स्मार्ट मीटर विरोधी अभियान 2 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान जिला स्तर से लेकर राजधानी तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही पार्टी नेताओं के कहना है कि अभियान के अंतिम चरण में राजधानी में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा और मुख्यमंत्री निवास के घेराव करने की योजना है।
सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर
कांग्रेस का यह अभियान बिजली बिल और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच बनाने की कोशिश माना जा रहा है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार और बिजली विभाग इस विरोध अभियान पर क्या कदम उठाते हैं।