Raipur News: राजधानी के कालीबाड़ी स्थित जिला मातृशिशु अस्पताल में चूहों की मौजूदगी का मामला सामने आया है। अस्पताल के वार्ड में चूहों के घूमने का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में चार से पांच चूहे खिड़की के आसपास और पीने के पानी की मशीन के पास घूमते नजर आ रहे हैं। इसी जगह मरीजों के स्वजन अपना सामान रखकर आराम करते दिखाई दे रहे हैं। अस्पताल परिसर में इस तरह चूहों की मौजूदगी ने साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की सुरक्षा पर चिंता
कालीबाड़ी स्थित इस मातृशिशु अस्पताल में गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और नवजात बच्चों का इलाज किया जाता है। ऐसे में अस्पताल के वार्डों तक चूहों का पहुंचना सामान्य लापरवाही का मामला नहीं माना जा सकता। प्रसव के बाद भर्ती महिलाओं और नवजात शिशुओं को संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे संवेदनशील वार्डों में साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है। जानकारी के मुताबिक, बीते महीने ही अस्पताल में चूहे पकड़ने के लिए एक एजेंसी को ठेका दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद चूहों की मौजूदगी कम होती नजर नहीं आ रही है।
खाने-पीने की चीजें दूषित होने का खतरा
अस्पताल में चूहों के घूमने से मरीजों और उनके स्वजन के खाने-पीने की चीजों के दूषित होने की आशंका बनी रहती है। चूहे भोजन, पानी, दूध और फलों को कुतरने के साथ अपने मल-मूत्र और लार से भी उन्हें दूषित कर सकते हैं। अस्पताल में रखे भोजन या मरीजों के स्वजन की ओर से लाए गए खाने के संपर्क में चूहे आते हैं, तो संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा फर्श, बिस्तर, अलमारी और आसपास की अन्य सतहों पर भी गंदगी फैलने की आशंका रहती है।नवजात शिशुओं के लिए ज्यादा संवेदनशील स्थिति
नवजात बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए उन्हें संक्रमण से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। ऐसे में बच्चों के बिस्तर, कपड़े, दूध की बोतल और आसपास रखे सामान तक चूहों की पहुंच चिंता बढ़ाने वाली है। दूषित वस्तुओं के संपर्क में आने से बच्चों को दस्त, उल्टी और अन्य संक्रमण संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। चूहों के काटने से घाव में संक्रमण का खतरा भी रहता है। वहीं, प्रसव के बाद महिलाओं, खासकर ऑपरेशन से प्रसव कराने वाली माताओं के लिए घाव के आसपास स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
चूहे पकड़ने के लिए एजेंसी को दिया गया है ठेका
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, चूहों को पकड़ने के लिए एक एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए अस्पताल में एजेंसी का संपर्क नंबर भी लगाया गया है। अस्पताल में कहीं भी चूहा दिखाई देने पर उस नंबर पर सूचना दी जा सकती है। सूचना मिलने के बाद एजेंसी के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर चूहों को पकड़ते हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा?
कालीबाड़ी जिला अस्पताल की प्रभारी डॉ. शशि प्रभा बंजारे ने बताया कि अस्पताल में चूहे पकड़ने के लिए एजेंसी को ठेका दिया गया है। इसके लिए संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराया गया है। कहीं चूहा दिखाई देने पर संबंधित नंबर पर फोन करने से एजेंसी के कर्मचारी पहुंचकर उसे पकड़ लेते हैं।







